साल 2012 के निर्भया मामले में एक दोषी की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर दोपहर 2 बजे सुनवाई की जाएगी. दोषी अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका पर तीन जजों की पीठ सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी की याचिका स्वीकार करने पर निर्भया की मां ने अपना रोष व्यक्त किया है. निर्भया की मां ने कहा है कि यह रिव्यू पिटीशन पूरे सिस्टम पर तमाचा है इसे एक्सेप्ट नहीं करना चाहिए था.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी अक्षय कुमार की अर्जी स्वीकार करने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निर्भया की मां ने कहा कि मुझे यह सुनकर झटका लगा है. सिस्टम मुजरिमों के आगे लाचार है. हमें उम्मीद थी कि 16 दिसंबर को फांसी होगी.
निर्भया की मां बोलीं- पिटीशन ने पूरे सिस्टम पर तमाचा मारा
उन्होंने आगे कहा कि मुजरिमों के आगे हमारा सिस्टम फेल क्यों है. रिव्यू पिटीशन ने पूरे सिस्टम पर तमाचा मारा है. रिव्यू पिटीशन एक्सेप्ट नहीं करना चाहिए था. यह सिस्टम मुजरिमों का सपोर्ट कर रहा है. वो जीत रहा है और हम हार रहे हैं. निर्भया की मां ने अपना दुख जाहिर करते हुए आगे कहा कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार है, हमें इंसाफ नहीं मिल रहा है.
Asha Devi, mother of 2012 Delhi gang-rape victim: Court should hear review petition but the petition should have been dismissed earlier. We have no option but to accept the Supreme Court's decision. https://t.co/pZNFnzl0Hu pic.twitter.com/WFZRUmweMR
— ANI (@ANI) December 12, 2019
कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं निर्भया के दोषी
पूरा देश निर्भया के दोषियों को सज़ा मिलने का इंतजार कर रहा है लेकिन दूसरी तरफ इस मामले के दोषी कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट से फांसी मिलने के बाद दोषियों की दया याचिका राष्ट्रपति के पास है. राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करते ही दोषियों की फांसी की सजा तय हो जाएगी. लेकिन इसी बीच चार दोषियों में से एक ने सुप्रीम कोर्ट में ही पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है. कोर्ट ने इस पुनर्विचार याचिका को स्वीकार कर लिया है. दोषी अक्षय ठाकुर ने कोर्ट से गुजारिश की है कि उसकी फांसी की सजा पर एक बार फिर विचार किया जाए.
तिहाड़ में चल रही है फांसी की तैयारी
तिहाड़ जेल में दोषियों की फांसी की तैयारियां भी चल रही हैं. इस मामले के चौथे दोषी विनय को मंडोली जेल से तिहाड़ शिफ्ट किया गया है. जिससे फांसी की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है.