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निर्भया गैंगरेप: वकील ने कहा- साबित करो लोहे की छड़ वाली थ्योरी, 10 लाख इनाम दूंगा

साल 2012 में चलती बस में गैंगरेप की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया था. मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आखि‍री दौर में है, लिहाजा दोषियों के वकील अपने पक्ष के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.

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वकील एमएल शर्मा
वकील एमएल शर्मा

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दिल्ली के निर्भया गैंगरेप में दोषियों की पैरवी कर रहे एक वकील ने अजीबो-गरीब घोषणा की है. वकील ने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि पीड़ि‍त पर लोहे की छड़ का इस्तेमाल किया गया था तो वह उसे 10 लाख रुपये का इनाम देंगे.

साल 2012 में चलती बस में गैंगरेप की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया था. मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आखि‍री दौर में है, लिहाजा दोषियों के वकील अपने पक्ष के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.

वकील ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल
मामले में दोषी पाए गए मुकेश और पवन के वकील एमएल शर्मा ने पुलिस की उस थ्योरी पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया कि दोषियों ने वहशीपन की हद को पार करते हुए पीड़ित के जननांग में लोहे की छड़ घुसाई और उसके शरीर के आंतरिक अंगों को बाहर निकाला.

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ट्रायल कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा
ट्रायल कोर्ट ने मामले में चार बालिग दोषि‍यों को मौत की सजा सुनाई है. 23 साल ट्रेनी फिजियोथेरेपिस्ट ज्योति सिंह पंडित 16 दिसंबर 2012 की रात अपने एक दोस्त के साथ सिनेमा देखकर लौट रही थी और प्राइवेट बस में सवार हुई थी. उसके और उसके दोस्त को छह दोषि‍यों ने खूब पीटा. बाद में चलती बस में वहशीपन की सारी सीमाएं तोड़ दीं. शरीर के भीतरी अंगों में चोट के कारण इलाज के दौरान ज्योति की मौत हो गई.

दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की सजा को सही ठहराया, जिसके बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है. मामले में एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक नाबालिग दोषी को हाल ही तीन साल सुधारगृह में रखने के बाद रिहा किया गया है.

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