नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. उनके बाद राजनाथ सिंह और अमित शाह ने भी अपने अपने पद की शपथ ली. तीसरे नंबर रहे नितिन गडकरी जिन्होंने नरेंद्र मोदी कैबिनेट के लिए शपथ ली. यह लगातार दूसरी बार है जब नितिन गडकरी ने राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली. नागपुर से सांसद नितिन गडकरी इससे पहले वाली सरकार में भी मंत्री थे और उन्हें भूतल परिवहन मंत्रालय दिया गया था. देश में सड़कों का जाल बिछाने को लेकर उन्हें लोग 'हाइवे मैन' के नाम से भी पुकारते हैं.
नितिन गडकरी का जन्म 27 मई 1957 को हुआ. उनका जन्म महाराष्ट्र के नागपुर जिले में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ. वे कामर्स में स्नातकोत्तर हैं. इसके अलावा उन्होंने कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है. गडकरी ने 1976 में नागपुर विश्वविद्यालय में भाजपा की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. बाद में वह 23 साल की उम्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने. अपने ऊर्जावान व्यक्तित्व और सब को साथ लेकर चलने की खूबी की वजह से वे सदा अपने वरिष्ठ नेताओं के प्रिय बने रहे. 1995 में वे महाराष्ट्र में शिव सेना- भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में लोक निर्माण मंत्री बनाए गए और चार साल तक मंत्री पद पर रहे. 1989 में वे पहली बार विधान परिषद के लिए चुने गए. वे महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता भी रहे हैं.
नितिन गडकरी नागपुर लोकसभा सीट से पहली बार 2014 में लोकसभा चुनाव जीते. उन्होंने कांग्रेस के विलास राव मुत्तेमवार को चुनाव हराया. मालूम हो कि नितिन गडकरी मोदी सरकार के सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस वाले मंत्रियों में गिने जाते हैं. नितिन गडकरी महाराष्ट्र सरकार में 1995 से 1999 तक महाराष्ट्र सरकार पीडब्लूडी में मंत्री के पद पर रहे. नितिन गडकरी भारत के सबसे बड़े दल भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष राजनाथ सिंह की जगह ली.
नितिन गडकरी का व्यक्तित्व राष्ट्रीय स्तर पर बहुत जाना पहचाना है. वो आरएसएस के चहेते माने जाते हैं क्योंकि वो संघ के एक प्रतिबद्ध और निष्ठावान स्वयंसेवक हैं. उनके पिता जहां संघ के एक सामान्य कार्यकर्ता थे वहीं माता एक प्रसिद्ध प्रचारक थीं. नितिन गडकरी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले महाराष्ट्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे. विवादों से भी उनका रिश्ता रहा है. लोक सभा के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान देने के लिए वो विवादों में घिरे और चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था.
1995 में नितिन गडकरी महाराष्ट्र में शिव सेना- भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में लोक निर्माण मंत्री बनाए गए और चार साल तक मंत्री पद पर रहे. 1989 में वो पहली बार विधान परिषद के लिए चुने गए. हालांकि उससे पहले 1983 में वो चुनाव हारे भी थे.