दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि 12 साल पुराने नीतीश कटारा हत्या मामले में सरकारी खजाने से 5.86 करोड़ रुपये खर्च हुए जिनमें से करीब 75 लाख रुपये तीन अभियुक्तों विकास यादव, विशाल यादव और सुखदेव पहलवान की सुरक्षा और उनसे जुड़े अन्य मद में खर्च हुए.
न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति जे आर मिधा की पीठ ने कहा कि इस मामले में सरकारी खजाने से कुल 5.86 करोड़ रुपये खर्च हुए. पीठ ने कहा कि जेल प्रशासन आंकड़ों के मुताबिक सुनवाई के दौरान और उसके बाद तीनों अभियुक्तों के जेल में रहने पर 35.6 लाख रुपये खर्च हुए जबकि 39.95 लाख रुपये उनके परिवहन, सुरक्षा, इलाज आदि पर खर्च किए गए.
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए पीठ ने कहा कि पीड़ित की मां नीलम कटारा, भाई नितिन कटारा और रिश्तेदार सहित अभियोजन पक्ष के विभिन्न गवाहों की सुरक्षा पर 3.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए.