नरेंद्र मोदी की ताजपोशी से पहले फिर रुठ गए हैं आडवाणी. सूत्रों के मुताबिक आडवाणी इस बात पर अड़ गए हैं कि मोदी के नाम का ऐलान दिसंबर के बाद हो.
मोदी के नाम पर एतराज करने वालों में मुरली मनोहर जोशी भी हैं. बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह उन्हे मनाने की कोशिश में जुटे रहे. मुलाकात के दौरान जोशी ने कहा कि मोदी के नाम का एलान करने से पहले बीजेपी शासित उन राज्यों से सहमति ली जानी चाहिए, जहां चुनाव होने वाले हैं.
सियासी भंवर में मोदी की ताजपोशी
इस बीच आडवाणी की नाराजगी पार्टी पर भारी पड रही है. एक दिन पहले गडकरी और अब राजनाथ सिंह के मनाने पर भी वो नहीं माने. वैसे गोवा में उनकी नाराजगी की बावजूद मोदी के नाम का ऐलान करने से साबित हो गया था कि मोदी दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं. अब तो संघ की तरफ से भी मोदी को हरी झंडी मिल चुकी है. लेकिन पार्टी में आडवाणी को दरकिनार करना आसान नहीं होगा. सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी, अनंत कुमार जैसे कई दिग्गज उनके साथ हैं.
मोदी के नाम पर नहीं माने लालकृष्ण आडवाणी!
वहीं मोदी के नाम की वकालत करने वालों में बिहार बीजेपी के नेता भी आगे हैं. यहां तक कि सुशील कुमार मोदी इसके लिए लालकृष्ण आडवाणी पर भी निशाना साधने से नहीं चूके.
सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि आडवाणी जी लोगों का मिजाज नहीं भांप पाए. आडवाणी जी ने खुद ही अटलजी को पीएम घोषित किया था. अब उन्हें नरेंद्र मोदी के लिए भी ऐसा ही करना चाहिए.
बिहार बीजेपी के नेता सीपी ठाकुर ने भी कहा है कि 13 सितंबर को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में मोदी के नाम की घोषणा हो जानी चाहिए.