हुर्रियत कांफ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक ने कहा कि उन्हें यहां सोमवार को पहुंच रहे सर्वदलीय शिष्टमंडल से मुलाकात का कोई न्यौता केंद्र की तरफ से नहीं मिला है.
मीरवाइज ने कहा, ‘हमें अब तक कोई औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है. हमें इसके बारे में केवल मीडिया से जानकारी मिली है और मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देना समझदारी नहीं होगी.’
सर्वदलीय शिष्टमंडल कश्मीर में अलगाववादी नेताओं समेत सभी तबकों के लोगों से मुलाकात के लिए सोमवार को यहां पहुंच रहा है ताकि घाटी में व्याप्त अशांति का कोई समाधान निकाला जा सके.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुधवार को दिल्ली में बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में शिष्टमंडल को भेजने का फैसला किया गया.
मीरवाइज को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कांफ्रेंस (ओआईसी) की तरफ से जम्मू कश्मीर में एक बैठक में भाग लेने का तथा न्यूयार्क में इस महीने के अंत में विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शिरकत करने का न्योता मिला है.
सैयद अली शाह गिलानी नीत हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े ने सर्वदलीय शिष्टमंडल से मुलाकात नहीं करने का फैसला करते हुए कहा है कि प्रतिनिधिमंडल के पास संविधान के दायरे से परे बातचीत करने का अधिकार नहीं है.
हुर्रियत के एक वरिष्ठ कट्टरपंथी नेता ने यहां मजलिस.ए.शूरा (परामर्श परिषद)की बैठक के बाद कहा, ‘चूंकि शिष्टमंडल के पास भारतीय संविधान के तहत बातचीत का सीमित अधिकार है इसलिए हमने उनसे मुलाकात नहीं करने का फैसला किया है.’
उन्होंने कहा कि हुर्रियत केंद्र से तभी बातचीत करेगा जब वह मान लेगा कि एक विवाद के तौर पर जम्मू कश्मीर का समाधान अभी निकाला जाना है.