बीते कुछ दिनों से बयानबाजी के कारण बीजेपी और जेडी (यू) के बीच हो रही खींचतान को पूरी तरह समाप्त करने के प्रयास में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए के भीतर कोई मतभेद नहीं है.
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं के प्रश्नों के जवाब में कहा, ‘एनडीए के भीतर कोई विवाद नहीं है. गठबंधन के भीतर जेडीयू और बीजेपी के लोग अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं.’
भाजपा के पूर्व विधान पाषर्द संजय झा के जदयू में शामिल होने को लेकर विवाद को अनावश्यक बताते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘संजय झा का विषय अपवाद था, वह बीजेपी के नेतृत्व की सहमति से जदयू में आये थे. बीजेपी के लोग जेडीयू में आयें या जेडीयू के लोग बीजेपी में जाये ऐसा भविष्य में नहीं होगा. एक दूसरे के दल में शामिल होने का बढावा नहीं दिया जाएगा.’
उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन आपसी सहमति का है. अलग अलग राजनीतिक दल होने के कारण कई मामलों में विचार भले अलग रहते हो, लेकिन गठबंधन में सभी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं.
बीजेपी और जेडीयू को अपनी लक्ष्मणरेखा नहीं लांघने के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बयान के संबंध में पूछे गये प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सुशील कुमार मोदी ने बिल्कुल ठीक कहा है. दोनों दल गठबंधन में हैं तो लक्ष्मणरेखा नहीं लांघेंगे. हम जो कहते हैं मोदी भी वहीं बात कहते हैं.’
बीजेपी और जेडीयू के बीच विवाद को अनावश्यक रूप से उठाने को लेकर मुख्यमंत्री ने मीडिया की भी आलोचना की. यह मुद्दा अधिक दिनों तक चलने वाला नहीं है. जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह द्वारा अपनी सरकार के बीजेपी कोटे के मंत्री गिरिराज सिंह को मानसिक रूप से बीमार कहे जाने के बारे में नीतीश ने कहा, ‘मैंने मुख्य प्रवक्ता के इस प्रकार के बयान को नहीं देखा है. यदि इस प्रकार की बात कोई कहता भी है तो बहुत गलत बात है. यदि इस प्रकार की बात मेरे संज्ञान में आयी होती मैंने तत्काल पूछा उनसे पूछा होता. वाकई उन्होंने कहा हो तो पूछताछ करेंगे और प्रदेश अध्यक्ष को भी पूछताछ करने को कहेंगे.’
नीतीश ने कहा, ‘हमने अपने प्रवक्ताओं को बैठाकर समझाया है कि किन मुद्दों पर बोलना चाहिए. दोनों दलों के बीच एक गठबंधन है किसी को भी ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए जिससे कि दोनों दलों के बीच किसी प्रकार का तनाव पैदा हो.’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कोई नीति हो या सिद्धांत का मसला हो तो पार्टियों द्वारा अलग अलग बात कही जाती है. कभी भी उसे व्यक्तिगत रूप धारण नहीं करना चाहिए.’ बिहार को विशेष राज्य के दर्जा के संबंध में भाजपा द्वारा अलग से गांधी मैदान में रैली आयोजित करने के विषय पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अलग अलग कार्यक्रम करने का अधिकार है.