तेलंगाना मुद्दे पर तीन अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद सरकार ने बुधवार को कहा कि इससे कोई खतरा नहीं है और 2014 के आम चुनाव समय पर ही होंगे. कांग्रेस के छह, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के दो और वाईएसआर कांग्रेस के दो सदस्यों ने लोकसभा में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है. लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन में हंगामे के कारण उन्हें नहीं उठाया.
मंगलवार को भी इन सदस्यों ने नोटिस दिया लेकिन तब भी उसका यही हश्र हुआ.
इस मामले में सरकार का सिरदर्द यहीं खत्म नहीं होता क्योंकि ये सदस्य गुरुवार को भी नए सिरे से नोटिस थमा सकते हैं. नियम के मुताबिक ऐसे नोटिस रोज दिए जा सकते हैं. यदि 50 सांसदों के समर्थन से ऐसा नोटिस दिया जाए और वह सदन में पारित हो जाए तो सरकार गिर जाएगी.
संसदीय कार्यमंत्री कमल नाथ ने कहा, ‘सरकार के पास संख्या बल है और कोई भी अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हो पाएगा. सरकार बहुमत में है. इसलिए किसी भी अविश्वास प्रस्ताव के सफल होने का सवाल ही नहीं होता.’
मंत्री ने उस संभावना को भी खारिज किया जिसमें कहा गया है कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार 2014 के आम चुनाव को समय पूर्व कराने पर विचार कर रही है.