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आम-लीचियों के विवाद में कूदे लालू, बोले- फलों पर मेरा और राबड़ी का हक

बिहार के सीएम निवास पर पेड़ों पर लगे आम-लीची को लेकर पैदा हुआ 'विवाद' अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. अब पूर्व सीएम लालू प्रसाद ने इन फलों पर अपना दावा ठोक दिया है.

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फलों पर पहला हक लालू-राबड़ी का?
फलों पर पहला हक लालू-राबड़ी का?

बिहार के सीएम निवास के पेड़ों पर लगे आम-लीची को लेकर पैदा हुआ 'विवाद' अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. अब पूर्व सीएम लालू प्रसाद ने इन फलों पर अपना दावा ठोक दिया है.

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आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि सीएम निवास पर आम-लीची के पेड़ उन्होंने व उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने लगाए थे, लिहाजा फलों पर पहला हक उनका बनता है.

लालू की टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है, जब इसे लेकर पूर्व सीएम जीतनराम मांझी व मौजूदा सीएम नीतीश कुमार के बीच काफी बयानबाजी हो चुकी.

क्या है आम-लीचियों का मामला...
दरअसल, पटना के 1 अणे मार्ग स्थित सीएम निवास को जीतनराम मांझी ने अभी तक खाली नहीं किया है. सीएम आवास में आम और लीची के कई पेड़ हैं, साथ ही कई सब्जियां भी लगाई गई हैं. सीएम नीतीश कुमार ने यहां पुलिसकर्मियों की फौज तैनात कर दी, ताकि मांझी का परिवार फल-सब्जियां न तोड़ सके. इस काम में 8 सब-इंस्पेक्टर और 16 कॉन्स्टेबल तक लगाए गए.

'हमें अवाम की चिंता, मांझी को आमों की.'
बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के मौजूदा सरकारी आवास पर आम-लीची के पेड़ों की निगरानी में पुलिस तैनात किए जाने का मामला मीडिया में आने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने तुरंत सफाई दी. नीतीश ने पटलवार करने के अंदाज में कहा, 'हमें अवाम की चिंता है, जबकि मांझी को आमों की.'

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'दलित होने के कारण मुझे परेशान किया'
उधर, जीतनराम मांझी ने आरोप लगाया कि दलित होने की वजह से उन्हें परेशान किया जा रहा है. मांझी ने कहा, 'भला यह भी कोई मुद्दा है? इससे नीतीश की मानसिकता का पता चलता है.'

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