NRC ड्राफ्ट के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि असम के बाद अब बंगाल से घुसपैठियों को निकालने की बारी है. उन्होंने कहा , बंगाल में रहने वाले घुसपैठियों के खिलाफ भी कानून के मुताबिक कारवाई की जाएगी. इसके साथ ही गिरिराज सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया.
केंद्रीय मंत्री ने कहा , इसमें हम कुछ नहीं कर रहे हैं. यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को अपनी अज्ञनता दूर करने की जरूरत है. कांग्रेस की सरकार ने ही एग्रीमेंट किया था कि 1971 के बाद जो भी आए हैं, वह घुसपैठिए होंगे. राहुल गांधी अब लोगों में भ्रम फैलाना चाहते हैं लेकिन यह नहीं चलेगा.
भारत को धर्मशाला बनाना चाहते हैं
गिरिराज सिंह ने एनआरसी का विरोध करने वालों पर कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग भारत को धर्मशाला बनाना चाहते हैं. एनआरसी ड्राफ्ट का विरोध कर रहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बारे में गिरिराज सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए. मुख्यमंत्री की भाषा यह नहीं हो सकती है. यह अराजकता वाली भाषा है. ममता बनर्जी अगर घुसपैठियों के पक्ष में खड़ी होती हैं तो उन्हें देशभक्त नहीं देशद्रोही कहा जाएगा.
संसदीय दल की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव की आलोचना
उधर बीजेपी संसदीय दल की बैठक में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव की आलोचना की गई. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि विपक्ष बिना सोचे समझे, बिना तैयारी के अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया. उन्होंने अपना मजाक बनाया. लेकिन सरकार को अपनी बात रखने का मौका मिला. इस दौरान सदन में पीएम मोदी के भाषण की भी तारीफ की गई. वहीं पीएम मोदी ने इसका श्रेय पार्टी सांसदों को दिया.
पीएम मोदी ने ली चुटकी
इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष की चुटकी भी ली. उन्होंने कहा कि 2024 में विपक्ष इसी तरह का अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगा, उसकी तैयारी हमें अभी से करनी शुरू कर देनी चाहिए . जबकि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी सांसदों से कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के बचपन पर आधारित “चलो जीते हैं” को आप सभी अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में जाकर जनता को दिखाएं.
अमित शाह ने ये भी कहा कि आने वाले दिनों में राज्यसभा और लोकसभा में महत्वपूर्ण बिल आने वाले हैं. ऐसे में सभी सांसदो को चर्चा और वोटिंग के दौरान सदन में उपस्थित रहना चाहिए. शाह ने बताया कि जो सांसद वोटिंग और चर्चा के दौरान उपस्थित नहीं रहेंगे, पार्टी का संसदीय कार्यालय उनकी लिस्ट बनाएगा. दरअसल, इसी सत्र में ट्रिपल तलाक और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाने वाले अहम बिल को संसद के पटल पर रखा जाएगा.