सरकार ने पूर्वोत्तर के बड़े उग्रवादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आफ नागालैंड-खापलांग (NSCN-K) को अवैध घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय ने NSCN-K पर प्रतिबंध लगाने की अपील की थी. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल गई.
गौरतलब है कि तीन महीने पहले 4 जून को मणिपुर के चंदेल जिले में सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था. घटना में 18 जवान शहीद हो गए थे और 11 घायल हुए थे. NSCN-K ने ली हमले की जिम्मेदारी. इसके बाद भारतीय सेना ने म्यांमार में घुसकर उसके शिविरों पर कार्रवाई की, जिसमें करीब 50 उग्रवादी मारे गए.
भारतीय सरकार ने 2001 में उग्रवादी गुट के साथ संघर्ष विराम के बाद इसपर लगा बैन हटा दिया था. इस उग्रवादी गुट का नेता खापलांग उत्तर-पूर्व राज्यों का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी है. खापलांग नगा समुदाय से है और म्यांमार में रहता है. इस संगठन के ज्यादातर शिविर वहीं स्थित माने जाते हैं.