प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 69वें सवेरे को सपनों का सवेरा
बताया. लेकिन वन रैंक, वन पेंशन का फौजियों का सपना फिर अधूरा रह गया. मोदी ने इसे लागू करने का ऐलान नहीं किया. इस पर रिटायर्ड मेजर राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज हमारे दिल टूट गए.
Aaj humare dil toot gaye hain-Major(retd) Rajendra Singh on PM speech #OROP pic.twitter.com/MrvpCwVBVD
— ANI (@ANI_news) August 15, 2015
वन रैंक वन पेन्सन पूर्व सैनिको की न्यायपूर्ण मांग है सरकार को इसपर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।
— Swami Ramdev (@yogrishiramdev) August 15, 2015
पूरे देश को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री आजादी की इस नई सुबह वन रैंक, वन पेंशन की घोषणा करेंगे. लेकिन उम्मीदों पर पानी फिर गया. OROP हमें मंजूर, पर बातचीत जारी
मोदी ने फौजियों से कहा कि मैं तिरंगे के नीचे खड़ा होकर आपको भरोसा दिलाता हूं कि OROP हमें सैद्धांतिक तौर पर मंजूर है. इस पर संबंधित पक्षों से बातचीत जारी है. लेकिन इस पर अभी और काम करना है. जरूर कुछ सकारात्मक होगा.
अभी नहीं मिल पाया समाधान
मोदी ने कहा कि पिछले कई साल में कई सरकारें आई और गई. OROP की समस्या उन सबके सामने भी आई. मोदी ने सैनिकों को देश की ताकत, खजाना और उर्जा बताते हुए स्वीकार किया कि सत्ता में आने के बावजूद लंबे समय से लटकी इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं मिल पाया है.
जंतर-मंतर पर लगे 'शर्म करो, शर्म करो' के नारे
पूर्व सैन्यकर्मी 62 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर वन रैंक, वन पेंशन की मांग पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने भी बड़ी एलसीडी स्क्रीन पर उत्सुकता से मोदी का भाषण सुना. लेकिन कुछ ही देर में उदास हो गए. जंतर-मंतर पर कुछ लोगों ने 'शर्म करो, शर्म करो' के नारे भी लगाए।