अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जेहाद और आतंकवाद की कीमत आम मुस्लिमों को चुकानी पड़ती है.
अंग्रेजी अखबार द इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक , नकवी ने कहा कि आम मुस्लिम आतंकी गतिविधियों में शामिल होने या समर्थन करने
से इनकार करता है. लेकिन इसके बावजूद भी मुस्लिमों को जेहाद और आतंकवाद की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है.
मुंबई के जीशान अली को मुस्लिम होने की वजह से नौकरी न देने के सवाल पर नकवी ने कहा, 'भारत अकेला ऐसा देश नहीं है, जहां ये सब हो रहा है. इसके पीछे एक वजह है. इस घटना को आप 1980 में पंजाब की घटना से जोड़कर देख सकते हैं. तब सिख ड्राइवर को देखकर लोग टैक्सी नहीं लेते थे.'
बीफ बैन पर प्रतिबंध को सही करार देते हुए नकवी ने कहा, 'अगर लोगों की भावनाएं इससे आहत होती हैं तो इस पर प्रतिबंध जरूरी है. बीजेपी सरकार आने से पहले भी कुछ ऐसे राज्य हैं, जहां बीफ बैन किया गया.'