धर्मांतरण पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बाद वीएचपी नेता अशोक सिंघल का बड़ा बयान सामने आया है. सिंघल ने 'घर वापसी' को दुनिया का दिल जीतने का तरीका करार दिया है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस्लामिक आतंकवाद की वजह से तीसरा वर्ल्ड वार होगा.
देश में हिन्दू मूल्यों को दोबारा स्थापित करने पर जोर देते हुए विश्व हिन्दू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने एक बयान में कहा कि विहिप का जोर विश्व का धर्मान्तरण करने पर नहीं, बल्कि दिल जीतने पर है. विहिप के संरक्षक अशोक सिंघल ने एक पुस्तक का लोकार्पण करने के अवसर पर कहा, 'यह 50 वर्ष के संघर्ष का परिणाम है कि हिन्दुओं ने 800 वर्ष से खोया ‘साम्राज्य’ वापस पाया है.
उन्होंने कहा, ‘हमारी संस्कृति और धर्म को कुचला गया और हमें संघर्ष करना पड़ा. 800 वर्ष बाद, अब यह दिन आया कि हम कह सकते हैं कि हमारी एक ऐसी सरकार है जो हिन्दुत्व की रक्षा के प्रति कटिबद्ध है. देश में धीरे धीरे हमारे मूल्य स्थापित होंगे.’
सिंघल ने कहा, ‘हम एक अजेय हिन्दू समाज चाहते हैं जो इन मूल्यों के अनुसार विश्व कल्याण के लिए काम करे. हम कभी विश्व के धर्मान्तरण के लिए बाहर नहीं गए बल्कि उनका हृदय विजय करने के लिए गए.’
केन्द्र में बीजेपी सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में 12वीं शताब्दी में राजपूत राजाओं और पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद हिन्दू एक बार फिर सत्ता में आए हैं.
वर्ल्ड वार का खतरा
उन्होंने दावा किया कि विश्व पर कब्जा करने के कई शक्तियों के प्रयासों के चलते दुनिया विश्व युद्ध के समीप आई है.
सिंघल के मुताबिक, ‘आप इसे ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम एशिया में देख सकते हैं. हम ‘इस्लामी आतंकवाद’ का खतरा यूरोप में देख रहे हैं. यह युद्ध समाप्त किया जा सकता है लेकिन विभिन्न शक्तियां जिस तरह से अपना प्रभुत्व स्थापित करने की होड़ में लगी हैं, इससे लगता है कि विश्व युद्ध सुनिश्चित है.’
हालांकि विहिप नेता ने कहा कि हिन्दू ऐसे किसी युद्ध में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्होंने हमेशा ही प्रेम से विश्व को जीतने का प्रयास किया है और वे आध्यात्मिक विजय में विश्वास रखते हैं, भौतिक विजय में नहीं.
- इनपुट भाषा से