सुप्रीम कोर्ट में 5 दिसंबर को राम जन्मभूमि को लेकर अहम सुनवाई से पहले शिया वक्फ बोर्ड द्वारा दाखिल नए हलफनामे के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इसका स्वागत किया है.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और उम्मीद जताई है कि मामले का हल अब जल्दी निकलेगा. शिया वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वो चाहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बने. मंगलवार को शिया वक्फ बोर्ड के मुखिया और अखाड़ा परिषद के महंतों ने दिल्ली में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी ने मामले में एक नया विवाद खड़ा करते हुए आरोप लगा दिया है कि इस पूरे विवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है और कुछ कट्टरपंथी मौलवी नहीं चाहते कि मामले का हल निकले क्योंकि इससे उनकी फंडिंग हो रही है. रिजवी का कहना है कि पाकिस्तान इस प्रकरण में शामिल है.
शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी ने दिल्ली के कालकाजी पीठ में तमाम अखाडों के मंहत के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'ये विवाद एक कलंक की तरह हिंदुस्तान में फल-फूल रहा है. 2000 से ज्यादा कत्ल हुआ और दंगे हुए. सुप्रीम कोर्ट ने राय दी है कि सारे पक्ष सुलह-समझौता कर लें. कुछ तथाकथित कट्टरपंथी और मौलवी नहीं चाहते कि मामले का हल निकले क्यों कि इससे उनकी फंडिंग हो रही है. पाकिस्तान इस प्रकरण में शामिल है. क्योंकि वो लोग सुप्रीम कोर्ट की बात का सम्मान करने के लिए सामने नहीं आ रहे? शिया वक्फ बोर्ड को चुप रखा गया. बिना शिया वक्फ बोर्ड की मंजूरी सुप्रीम कोर्ट में शिया बोर्ड की ओर से वकील कैसे खड़ा हुआ.
हमने सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखी है. मंदिर को गिराकर मंदिर बनाने वाला मीर बाकी था जो बाबर का सेनापति था. इतिहास के मुताबिक बाबर ने अपनी सेना के नमाज पढ़ने के लिए मंदिरों को तोड़ा. अंग्रेज नहीं चाहते थे कि मसला हल हो जाए. अंग्रेजों के एजेंट आज तक इस पर लड़ रहे हैं. हाईकोर्ट का फैसला एक विवादित जजमेंट था. सुन्नी बोर्ड का अधिकार ही नहीं है, सिर्फ शिया वक्फ बोर्ड ही अधिकार रखता है. बच्चा-बच्चा जानता है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि है. हमने शिया बोर्ड की बैठक में ये प्रस्ताव दिया कि वहां मंदिर बने और अयोध्या में परिक्रमा के परिसर से दूर कहीं मस्जिद बने.'
आगे उन्होंने कहा कि. 'हमने ये मसौदा तैयार किया है कि विवाद खत्म करें और राम जन्मभूमि के ऊपर से अपना अधिकार समाप्त करते हुए अधिकार हिंदुओं को देते हैं और लखनऊ में एक मस्जिद बनाई जाए. अयोध्या में मस्जिद बनी तो विवाद रहेगा. ऐसी जगह नमाज कौन पढेगा? क्या कट्टरपंथी लोग हिंदुओं से नमाज पढाएंगे? हमने सुप्रीम कोर्ट में मसौदा दे दिया है. हमें कोर्ट से इंसाफ चाहिए. कोर्ट तय करे कि जो लोग समझौता नहीं चाहते उन्हें अधिकार क्या है.'
वहीं निर्वाणी अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत धर्मदास जो कि राम जन्मभूमि मामले में पक्षकार भी हैं उनका कहना है कि मंदिर निर्माण के नाम पर कुछ लोग बिजनेस कर रहे हैं. धर्मदास ने सीधे सीधे रविशंकर की मध्यस्थता पर हमले बोलते हुए कहा कि रविशंकर जैसे पचासों लोग घूम रहे हैं टीवी पर आने के लिए. रविशंकर व्यापारी व्यक्ति हैं. महंत धर्मदास का कहना है कि अखाड़ा परिषद के अधीन राम मंदिर बने और साल 2017 में ही मंदिर बनाने का काम शुरू हो.
वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज का कहना है कि चूंकि शिया बोर्ड ने मान लिया है तो हमारा दावा मजबूत होगा. हमने रविशंकर की मध्यस्थता का विरोध नहीं किया है. वो बहुत देर से आए हैं. उन्हें पहले आना चाहिए था. सिर्फ सुन्नी वक्फ बोर्ड असहमत है. सहमति बनी तो ठीक नहीं कोर्ट में बात रख रहे हैं कोर्ट के निर्णय को मानेंगे. उम्मीद है शिया बोर्ड का फैसले से हमें मदद मिलेगी. कोर्ट के फैसले के बाद तय करेंगे. अगर फैसला खिलाफ आता है तो कानून बनाकर मंदिर बनाएंगे. बीजेपी की सरकार है और विश्व हिंदू परिषद के साथ मिलकर मंदिर वहां बनकर रहेगा.