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दिल्ली: पाकिस्तान हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने की अलगववादी सैयद गिलानी से बात

भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे के हफ्तेभर के अंदर पाकिस्तान ने अलगाववादी नेता से बातचीत की. सोमवार को दिल्ली में पाक हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने अपने आवास पर सयैद अली शाह गिलानी से करीब आधे घंटे तक जम्मू कश्मीर के हालात, मसरत आलम की रिहाई और जयशंकर की पाक यात्रा पर चर्चा की.

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ABDUL BASIT TALKS SAS GEELANI
ABDUL BASIT TALKS SAS GEELANI

भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे के हफ्तेभर के अंदर पाकिस्तान ने अलगाववादी नेता से बातचीत की. सोमवार को दिल्ली में पाक हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने अपने आवास पर सयैद अली शाह गिलानी से करीब आधे घंटे तक जम्मू कश्मीर के हालात, मसरत आलम की रिहाई और जयशंकर की पाक यात्रा पर चर्चा की.

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गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में बासित की अलगाववादी नेताओं से मुलाकात के चलते ही भारत ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द की थी.

पिछले मंगलवार यानी 3 मार्च को एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर पाकिस्तान की यात्रा की थी. इस दौरान जयशंकर ने पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी के साथ दोनों देशों के बीच शांति वार्ता बहाल करने के रास्तों पर बातचीत की थी. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की चिट्ठी भी पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को सौंपी थी.

इससे पहले अलगाववादी नेता मसरत आलम की रिहाई को लेकर मचे बवाल के बीच हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि आलम के खि‍लाफ आरोप झूठे हैं और उन्‍हें रिहा करना कोई बड़ी बात नहीं है. गिलानी ने यह भी कहा कि भारत को यह वास्‍तविकता स्‍वीकार करनी चाहिए कि जम्‍मू कश्‍मीर एक विवादित क्षेत्र है और ये देश का हिस्‍सा नहीं है. उनके मुताबिक, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सत्‍ता में कौन सी सरकार है, जम्‍मू कश्‍मीर में कोई बदलाव नहीं आएगा. यह महज एक राजनीतिक स्‍टंट था. भारत को यह वास्‍तविकता मान लेनी चाहिए कि जम्‍मू कश्‍मीर एक विवादित क्षेत्र है, भारत का हिस्‍सा नहीं है.'

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