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पाकिस्‍तान से जुड़े आईपीएस ऑफिसर साजी मोहन के तार

जहर का सौदागर आईपीएस साजी मोहन एटीएस की पूछताछ मे एक के बाद एक खुलासे कर रहा है. साजी मोहन ने वो तमाम तरीके एटीएस के सामने बयां कर दिये है जिनके जरिये उसने जहरा का जाल फैलाया था.

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साजी मोहन
साजी मोहन

जहर का सौदागर आईपीएस साजी मोहन एटीएस की पूछताछ मे एक के बाद एक खुलासे कर रहा है. साजी मोहन ने वो तमाम तरीके एटीएस के सामने बयां कर दिये है जिनके जरिये उसने जहरा का जाल फैलाया था. एटीएस के शक घेरे में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कुछ और कर्मचारी भी है. जहर का सौदागर साजी मोहन तीन तरीको से जहर का काला कारोबार करता था.

1) सीमापार पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी

2) सीमा पर सीज किए गए ड्रग्स में घोटाला

3) एनसीबी के द्वारा जब्त ड्रग्स की हेराफेरी

एटीएस के मुताबिक पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स अक्सर भारत सीमा पर कभी छापो के दौरान तो कभी सर्च आपरेशन में सीज किये जाते है और इसी तरह का पकड़ा गया ड्रग्स नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो मे जमा कराये जाते है. साजी मोहन उन सीज ड्रग्स मे से असली माल निकाल कर अंदर टेलकाम पाउडर या फिर नमक डाल कर ड्रग्स बाजार में बेच देता था. एटीएस के मुताबिक साजी मोहन के ड्रग्स के बड़े रेकेट में नार्कोटिस कंट्रोल ब्यूरो के कुछ और कर्मचारी भी शामिल है. एटीएस की एक टीम चंडीगढ भी गयी थी जो बलविंदर सिंह नाम के एनसीबी के सुप्रिडेंट को हिरासत मे लेकर आयी है और यहां उससे पुछताछ चल रही है. आईपीएस साजी मोहन ने अपने ग्रुप के हर आदमी को एक एक काम सौंप कर रखा था. मसलन साजी मोहन की टोली का जम्मू-कश्मीर का तस्कर पाकिस्तान से रोजमर्रा की जरूरत के सामान जैसे दूध साबुन और वाशिग पाउडर मे छिपा कर हेरोइन भारत लाता था और एक किलो हेरोइन पांच लाख रुपये में साजी मोहन को बेचता था. साजी मोहन के ग्रुप मे मुंबई का काम विक्की ओबेराय नाम का एक शख्स संभालता था जो खुद को फिल्म प्रोड्यूसर बताता है विक्की ओबेराय ड्रग्स मुंबई के बड़े बड़े पबो में सप्लाय करता था. साजी मोहन के ग्रुप मे राजेश कुमार नाम का हरियाणा पुलिस का एक कास्टेबल भी है जो कि ड्रग्स की डिलिवरी अलग अलग जगहो पर करता था. एटीएस के मुताबिक साजी मोहन तीन बार मुंबई आया था वो बडे कंसाइंटमेट की डिलवरी करने खुद आता था ताकि उस पर किसी को शक ना हो क्योकि वो खुद नारकोटिंक्स कंट्रोल ब्युरो से ताल्लुक रखता था यदि कोई उसे पकडे तो वो मामला संभाल सकता था और छोटी डिलवरी के लिये हरियाणा पुलिस का कांस्टेबल राजेश कुमार को भेजता था वो भी दो बार मुंबई मे आ चुका है. साजी मोहन के निशाने पर सबसे ज्यादा रेव पार्टीस रहती थी क्योंकि वहां एक बार में बड़ा आर्डर मिलता था. एटीएस विक्की ओबराय से कड़ी पूछताछ कर रही है. विक्की ज्यादातर डील ओशीवरा इलाके में करता था और ये इलाका बॉलीवुड से जुड़ा है लिहाजा एटीएस को शक है कि इसके तार बॉलीवुड से भी जुड़े हो सकते हैं. एटीएस जहर के इस कारोबार के तह तक जाना चाहती है वो हर एक पहलु को खंगाल रही है क्योकि वो अच्छी तरह से जानती है कि ये मामला सीमापार से जुडा हुआ है और आंतकवादियो को फाइनेंस अक्सर नकली नोट या फिर ड्गस की तस्करी से ही मिलता है.

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