scorecardresearch
 

शीतकालीन सत्र: अब राम मंदिर पर विपक्ष की गोलबंदी, 10 को दिल्ली में बड़ी बैठक

आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो 8 जनवरी 2019 तक चलेगा. इस सत्र में विपक्ष एक बार फिर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है.

Advertisement
X
शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष की बैठक (फाइल फोटो, PTI)
शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष की बैठक (फाइल फोटो, PTI)

Advertisement

5 राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के लिए विपक्षी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. 11 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, इससे पहले 10 दिसंबर को विपक्षी पार्टियों ने एक बैठक बुलाई है. इस बैठक में शीतकालीन सत्र की रणनीति पर मंथन किया जाएगा. विपक्ष की ये बैठक संसद भवन में ही होगी.

सूत्रों की मानें, तो जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर के मुद्दे पर आक्रामक है. उसी को देखते हुए विपक्षी पार्टियां अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं. बैठक में इस बात पर भी विचार होगा कि अगर इस मुद्दे पर अध्यादेश लाया जाता है तो उनका क्या रुख होगा.

लेफ्ट नेता डी. राजा ने आजतक से बात करते हुए कहा कि हम इस बैठक में राम मंदिर मुद्दे पर भी चर्चा करेंगे. जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो इस पर अध्यादेश लाने की बात कैसे हो सकती है. भारत एक सेकुलर देश है, तो सरकार इस पर अध्यादेश कैसे ला सकती है?

Advertisement

उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस मुद्दे पर अपनी बात साफ करनी चाहिए. बता दें कि लेफ्ट पार्टियां 6 दिसंबर को संविधान बचाओ प्रदर्शन भी करने वाली हैं.

संयुक्त विपक्ष की इस बैठक में राम मंदिर के अलावा अन्य चार मुद्दों पर भी बात होगी. इसमें किसान, नौकरी, राफेल और संस्थाओं को कमजोर करने का मुद्दा भी उठाया जाएगा. एक शीर्ष कांग्रेस नेता के अनुसार, राफेल डील में कई सबूत सामने आ गए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री खामोश हैं. हम इस सेशन में भी इसपर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) जांच की मांग करेंगे.

Advertisement
Advertisement