पश्चिम बंगाल में रुटीन एक्सरसाइज के लिए सेना की तैनाती पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आरोपों पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पलटवार किया है. पर्रिकर ने ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आपने ने जो सवाल उठाए थे आर्मी डिप्लॉयमेंट को लेकर वह ठीक नहीं है. आर्मी को राजनीति में नहीं खींचना चाहिए यह एक रूटीन एक्सरसाइज थी.
सेना पर सियासत ठीक नहीं: पर्रिकर
पर्रिकर ने चिट्ठी में लिखा है- मुझे इस बात का दुख है कि आर्मी को राजनीति में जिस तरह से खींचा गया है ममता बनर्जी के द्वारा वह ठीक नहीं था.
Defence Minister Manohar Parrikar's letter to WB CM Mamata Banerjee, expresses pain over dragging the Army into controversy pic.twitter.com/LVAsdoscsl
— ANI (@ANI_news) 9 दिसंबर 2016
आरोप लगाकर ममता ने दिया था धरना
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने राज्य में टोल नाको पर और सचिवालय के बाहर सेना की तैनाती को लेकर आरोप लगाए थे और यहां तक कहा था कि मोदी सरकार राज्य में उनका तख्ता पलटना चाहती है. ममता बनर्जी ने इसके खिलाफ धरना भी दिया था.
सेना ने आरोपों को किया था खारिज
हालांकि, बाद में सेना ने तमाम दस्तावेजों के हवाले से साबित किया कि ये सेना की एक रुटीन एक्सरसाइज थी और आपात स्थिति के लिए समय-समय पर भारी वाहनों की सैन्य साजोसामान ले जाने की क्षमता का परीक्षण किया जाता रहा है. सेना ने दस्तावेज दिखाकर कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस को इस बारे में पहले से सूचना दी गई थी और आरोप बेबुनियाद हैं.
सियासत कर रहे हैं पर्रिकर: टीएमसी
पर्रिकर की चिट्ठी के जवाब में टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन का कहना है कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने ममता बनर्जी को जो चिट्ठी लिखी है. अभी तक उन तक पहुंची भी नहीं है. उन्होंने मीडिया में इसको लीक कर दिया है तो राजनीति कौन कर रहा है. रक्षा मंत्री को इस तरह से नहीं करना चाहिए था. जैसे ही कोलकाता ममता बनर्जी के पास चिट्ठी पहुंचेगी. इसका स्ट्रांग जवाब दिया जाएगा.
Letter has not reached WB CM and its already leaked to media. We will give a befitting reply when it comes:Derek O Brien on Manohar Parrikar pic.twitter.com/yIvMFRUwk5
— ANI (@ANI_news) 9 दिसंबर 2016
मामले ने लिया सियासी रूप
बीजेपी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि वे हर मुद्दे को तूल देकर चर्चा में बने रहना चाहती हैं. ममता बनर्जी ने केंद्र पर नोटबंदी के खिलाफ अपने अभियान के बदले में निशाना बनाने का आरोप लगाया था.