पशुपतिनाथ मंदिर के भारतीय पुजारियों पर हुए हमले के दो दिन बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस मंदिर को श्रद्धालुओं के लिये आज दोबारा खोल दिया गया. वहीं, माओवादियों ने इस पांचवी सदी के मंदिर तक जाने वाले मार्ग में रूकावट डाली और भारतीय पुजारियों की नियुक्ति को लेकर नेपाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
नेपाल के पूर्व विद्रोहियों ने मंदिर में पूजा अर्चना कराने के लिये सरकार द्वारा भारतीय पुजारियों को नियुक्त किये जाने का विरोध किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की. उन्होंने इनके स्थान पर ‘खुली प्रतियोगिता’ के तहत नेपाली पुजारियों को नियुक्त करने की मांग की.
माओवादियों ने संघर्ष समिति के प्रमुख ऋषि शर्मा और माओवादियों द्वारा पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के प्रमुख नियुक्त किये गये परमानंद शाक्य ने मांग की कि पुजारियों को नियुक्त करने के लिये एक स्वतंत्र चयन समिति का गठन किया जाय जो आवेदन मंगाकर योग्य पुजारियों का चयन करेगी.