चर्चित नेशनल हेराल्ड मामले में सुब्रमण्यम स्वामी की तरफ से दायर अर्जी पर शुक्रवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगी. कोर्ट ने अगस्त महीने में हुई सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समते सभी पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा था. स्वामी ने कांग्रेस से जुड़े दस्तावेज कोर्ट में सुबूत के तौर पर मंगाने की मांग की थी.
इसके पहले नेशनल हेराल्ड मामले में दिसंबर 2015 में सोनिया और राहुल गांधी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए थे और कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी. बीजेपी नेता और वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने तब इसका विरोध करते हुए कहा था कि दोनों को जमानत मिली तो वे देश छोड़ कर भाग सकते हैं. इसके बाद जून 2016 में नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली. दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था.
हाई कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा है कि CRPC के सेक्शन 91 के तहत कोई भी ऑर्डर करने से पहले आरोपी पार्टी को सुना जाना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने कैजुअल तरीके से एप्लीकेशन लगाई और उसी कैजुअल तरीके से पटियाला हाउस कोर्ट ने आदेश दे दिए. हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी इस आदेश के खिलाफ अपील कर सकते हैं. असल में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च 2016 को नेशनल हेराल्ड मामले में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस (आइएनसी) और एसोसिएटेड जनरल प्रा.लि.(एजेएल) की वित्तीय जानकारी से जुड़े कुछ कागजात समन करने की मांग की गई थी.
क्या है मामला?
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि गांधी परिवार हेराल्ड की प्रॉपर्टीज का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है. वे इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए. लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे. तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि कांग्रेस का केस मजबूत है और वह कानूनी दायरे में अपनी लड़ाई लड़ेंगे. सिंघवी ने कहा था कि ये पूरा मामला राजनीतिक बदले के अलावा और कुछ नहीं है, एक बीजेपी नेता इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं. गत नवंबर माह में नेशनल हेराल्ड का डिजिटल संस्करण शुरू किया गया है.