योजना आयोग की जगह बनने वाली नई संस्था के नाम व ढांचे को अंतिम रूप देने का काम जोर शोर से चल रहा है. नई संस्था इस साल दिसंबर तक अस्तित्व में आ सकती है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘प्रधानमंती ने सात दिसंबर को मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है ताकि योजना आयोग की जगह आने वाले संस्थान के ढांचे पर उनकी राय ली जा सके.’ यह प्रस्तावित संस्थान 64 साल पुराने योजना आयोग की जगह लेगा.
आयोग को नए संस्थान के नाम व भूमिका के बारे में कई सुझाव मिले हैं. सुझाए गए कुछ नामों में सतत विकास आयोग, राष्ट्रीय विकास एजेंसी, सामाजिक आर्थिक विकास आयोग या भारत प्रगति लक्ष्य शामिल हैं. नए संस्थान का नाम नीति आयोग रखे जाने की खबरें भी हैं.
नए संस्थान की अध्यक्षता योजना आयोग की तरह प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं. इसमें चार मुख्य इकाइयां हो सकती हैं. ये चार इकाइयां- ‘अंतर-राज्य परिषद, योजना मूल्यांकन कार्यालय, यूआईडीएआई और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी)’ हो सकतीं हैं. इन इकाइयों में केन्द्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ उद्योगों से भी विशेषज्ञ शामिल होंगे.
उल्लेखनीय है कि योजना आयोग की स्थापना देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने की थी. आयोग के उपाध्यक्ष का पद कोई न कोई राजनीतिक हस्ती संभालती रही है. मोंटेक सिंह अहलूवालिया इसके आखिरी उपाध्यक्ष रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए योजना आयोग को समाप्त करने और उसकी जगह पर नया संस्थान बनाने की घोषणा की थी. तब से नए ढांचे को लेकर आयोग की विशेषज्ञों के साथ कई बैठकें हो चुकीं हैं.
- इनपुट भाषा से