पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में गरीब रिक्शा चालकों से मन की बात की. उन्होंने कहा, 'मुझसे नाराज हो जाना, लेकिन बच्चों को पढ़ाई से मत रोकना. शिक्षा से बच्चे गरीबी दूर कर देंगे.'
मोदी ने कहा कि गरीब को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है. गरीब व्यक्ति भी कम परिश्रम से ज्यादा कमा सकता है. काशी का पहला परिचय रिक्शावालों से होता है. उन्होंने कहा कि पैडल रिक्शा को ई-रिक्शा में बदला जाएगा. ये बातें उन्होंने छावनी के मल्टीपर्सस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में कहीं.
PM Narendra Modi meeting E-rickshaw drivers in Varanasi pic.twitter.com/bGeiiUXjDw
— ANI (@ANI_news) September 18, 2015
पीएम मोदी एक दिवसीय वाराणसी दौरे पर हैं. बाबतपुर एयरपोर्ट पर सीएम अखिलेश और राज्यपाल राम नाइक ने उनका स्वागत किया.
नौ साल की सोनम ने मोदी को सुनाई गीता
DLW गेस्ट हाउस में मोदी से मिलने के लिए नौ साल की सोनम पहुंची. सोनम ने मोदी की श्रीमद्भगवद्गीता की कुछ लाइनें सुनाईं. बताते चलें कि वाराणसी के सुंदरपुर इलाके की रहने वाली सोनम को गीता कंठस्थ है. वह क्लास 5 की स्टूडेंट है. उसके पिता सदाब्रज पटेल टीचर और मां गृहणी हैं. सोनम ने मोदी से मिलने के लिए वाराणसी स्थित संसदीय ऑफिस में आवेदन दिया था, जिसकी ऑफिस ने स्वीकृति दे दी थी. मोदी से मिलने के बाद सोनम काफी खुश नजर आई.
काशी से बहनों ने सबसे ज्यादा भेजीं राखियां
मल्टीपर्सस ग्राउंड में मोदी ने कहा कि वे काशी की माताओं और बहनों को प्रणाम करते हैं. इस बार काशी की बहनों ने सबसे ज्यादा राखी भेजी हैं. काशी में रक्षाबंधन पर सुरक्षाबंधन मनाया गया. काशी के विकास में गति आएगी और नई पहचान बनेगी.
मोदी ने बच्चों की पढ़ाई पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए. अनुशासन से जिंदगी बदली जा सकती है. गरीबों के लिए बैंकों के दरवाजे खोले गए हैं. 50 साल का काम 50 महीने में पूरा करूंगा. जनधन योजना के तहत 18 करोड़ खाते खोले गए हैं, जिसमें अब तक 30 हजार करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं.
स्किल डेवलपमेंट से दूर करेंगे गरीबी
मोदी ने केंद्र पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 40-50 सालों से गरीबों के कल्याण की बातें सुनते हैं. गरीबों की माला जपना परंपरा बन गई है. गरीबी मुक्ति अभियान चलाना है. पिछले अभियानों से देश को कुछ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन में सुधार नहीं आया है. गरीब व्यक्ति भी बच्चों को अच्छा जीवन देना चाहता है. स्किल डेवलपमेंट से गरीबी को दूर करेंगे. हुनर से आर्थिक और सामाजिक विकास होगा. किराए पर रिक्शा चलाने वालों को ई-रिक्शा दिया गया है. इससे उनका जीवन सुधेरगा.