समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सहित तीन संशोधनों के साथ राजनीतिक व आर्थिक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया. प्रस्ताव बुधवार को पेश किया गया था, जिस पर दो दिन तक लगातार चर्चा हुई. सपा के अधिवेशन में दूसरे दिन भी अधिकांश नेताओं में मोदी फोबिया छाया रहा. कुछ नेताओं ने तो प्रधानमंत्री मोदी पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं.
अधिवेशन के पहले दिन बुधवार को पार्टी महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने पार्टी का राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव पेश किया था. बुधवार कई नेताओं ने इस पर चर्चा की थी, जो गुरुवार को भी दिन भर जारी रहा. शाम पांच बजे तीन संशोधनों के साथ इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. जिन तीन मुद्दों को चर्चा के दौरान प्रस्ताव में जोड़ा गया, उसमें एक मंगलयान की सफलता को लेकर था.
पार्टी नेता अंबिका चैधरी ने चर्चा के दौरान कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने पहले प्रयास में ही मंगलयान की सफलता हासिल की. इसके लिए पार्टी की तरफ से वैज्ञानिकों को बधाई संदेश भेजा जाना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्य में प्रधानमंत्री मोदी का कोई योगदान नहीं रहा, फिर भी वह इस सफलता का पूरा श्रेय ले रहे हैं. ऐसे में उनके खिलाफ निंदा का प्रस्ताव पारित होना चाहिए.
रक्षा क्षेत्र में एफडीआई का विरोध और मूल्य नियंत्रण के लिए मूल्य आयोग के गठन संबंधी दो अन्य बातों को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया. इसके अलावा दिवंगत नेताओं और शहीद जवानों के प्रति शोक प्रस्ताव पारित करते हुए अधिवेशन की दूसरे दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
अधिवेशन में शुक्रवार को 10 बजे से खुला सत्र रहेगा. इसके बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संबोधन के बाद दोपहर लगभग एक बजे अधिवेशन का समापन हो जाएगा.