scorecardresearch
 

लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी की विपक्ष पर 'पॉलिटिकल स्ट्राइक'!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले से अपनी स्पीच में बिना नाम लिए ही विपक्ष को निशाने पर लिया. परिवारवाद-भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की नीतियों पर तो जमकर हमला किया ही महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर भी जवाब दिया. महिलाओं और पिछड़ा वर्ग के लिए योजनाओं की चर्चा करके 2024 की जमीन मजबूत की.

Advertisement
X
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर अपनी स्पीच देते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर अपनी स्पीच देते हुए

आज लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार 10 वीं बार देश को संबोधित किया. अगले साल 2024 के आम चुनाव होने हैं. इस बार उम्मीद थी कि पीएम अपने स्पीच में कुछ ऐसा करेंगे जिसमें आगामी चुनावों के लिए कुछ संदेश होगा. हुआ भी ऐसा , पीएम ने अपनी स्पीच में विपक्ष पर बिना नाम लिए ताबड़तोड़ हमले किए.भ्रष्टाचार-परिवारवाद और तुष्टीकरण को उन्होंने भारत के विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया.जाहिर है कि विपक्ष की तमाम पार्टियों पर परिवारवादी पार्टी होने का ठप्पा है.कई राजनीतिक दलों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के बहुत बड़े आरोप हैं. पीएम ये बात जानते हैं कि लाल किले की प्राचीर से बोले गए शब्दों को जनता बड़े गौर से सुनती है. 

Advertisement

इसके साथ ही अपनी सरकार के पक्ष में ताबड़तोड़ बैटिंग भी की. उन्होंने भविष्य के भारत की रूपरेखा खींचते हुए देश की जनता में विकसित भारत देश बनाने का उम्मीद जगाया.  पिछले 10 सालों में देश के लिए किए गए कार्यों का बखान भी किया. बातों बातों में देश के विकास के लिए जनता से आशीर्वाद भी मांग लिया जिसका सीधा अर्थ 2024 के चुनावों में अपनी सरकार वापसी के लिए रहा होगा.


परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण पर प्रहार

पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में देश के लिए सबसे 3 बुराइयों का जिक्र किया. उन्होंने भ्रष्टाचार-परिवारवाद और तुष्टीकरण के खिलाफ देशवासियों से लड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि ये ऐसी चीजें हैं, जो हमारे देश के लोगों की आकांक्षाओं पर सवालिया निशान खड़े करती हैं. हमें भ्रष्टाचार की लड़ाई को आगे बढ़ाना है. पीएम मोदी ने कहा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद ने देश को जकड़कर रखा है. आज देश में ऐसी विकृति आई है. परिवारवादी पार्टियों का जीवन मंत्र ही यही है कि उनका राजनीतिक दल परिवार का, परिवार के द्वारा और परिवार के लिए है.जाहिर है कि परिवारवाद से आशय कांग्रेस , समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, बीआरएस, डीएमके जैसी पार्टियों पर जाता है. ये वही पार्टियां हैं जो इंडिया गठबंधन की सक्रिय हिस्सा हैं. बीजेपी लगातार इन पार्टियों पर परिवार वाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही है. कांग्रेस में नेहरु परिवार, समाजवादी पार्टी में मुलायम परिवार, राष्ट्रीय जनता दल में लालू परिवार, बीआरएस में टी. चंद्रशेखर का परिवार, डीएमके में करुणानिधि परिवार का कब्जा है. भारतीय जनता पार्टी को आगामी चुनावों में इन्ही पार्टियों से वर्चस्व की जंग लड़नी है. 

Advertisement

पीएम मोदी ने कहा, विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है तुष्टीकरण. तुष्टीकरण ने समाजिक न्याय का नुकसान किया है.पीएम ने तुष्टीकरण पर हल्ला बोलकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर सीधा हमला किया है. आजादी के बाद से एक विशेष समुदाय को अधिक महत्व देने का आरोप बीजेपी लगाती रही है. जनसंघ के जमाने से ही पार्टी का जोर तुष्टीकरण वाली नीतियों का जमकर विरोध करना रहा है. पीएम ने एक बार फिर लाल किले की प्राचीर से ये संदेश दिया है कि तुष्टीकरण किस तरह देश और समाज के लिए घातक है.

पीएम ने कहा कि हम किसी भी हालत में भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेंगे. यह हमारा बहुत बड़ा दायित्व है कि आने वाली पीढ़ी को ऐसा देश दें, ताकि छोटी छोटी चीजों को पाने के लिए उन्हें संघर्ष न करना पड़े. पीएम ने कहा कि हमने पिछली सरकार की तुलना में करीब 20 गुना ज्यादा भ्रष्टाचारियों की संपत्ति जब्त की है. 2047 में अगर विकसित भारत का सपना साकार करना है तो भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर खत्म करना होगा. जाहिर है पीएम ने इस बहाने कांग्रेस राज में हुए भ्रष्टाचार को फिर से याद दिलाया. पीएम ने बिना नाम लिए कांग्रेस , समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल आदि दलों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों को फिर हरा कर दिया. उन्होंने देश की जनता को यह समझाने की कोशिश की कि इन दलों की सरकारों में हुए भ्रष्टाचार के चलते ही देश अब तक विकसित देश नहीं बन सका.

Advertisement

अपने टार्गेट वोटर्स ओबीसी और महिलाओं के लिए योजनाओं की घोषणा

भारतीय जनता पार्टी को चुनाव दर चुनावों में मिलने वाली सफलता का सबसे बड़ा कारण महिलाओं और ओबीसी तबके के वोट को जाता रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने इन दोनों तबके के लिए योजनाओं की चर्चा करके विपक्ष को यह संदेश दे दिया है कि आगामी चुनावों में भी इनका वोट बीजेपी को ही मिलने वाला है.पीएम ने आने वाले समय में विश्वकर्मा जयंती पर 13 से 15 हजार करोड़ रुपये की योजना शुरू करने की बात की है. हालांकि इस योजना के बारे में संक्षिप्त जानकारी पहले भी मिल चुकी है. पर जिस तरह उन्होंने परंपरागत स्किल वाली जातियों के नाम सुनार-लुहार-राजमिस्त्री-कपड़ा धोने वाले-बाल काटने वाले भाइयों की चर्चा की उसका सीधा असर पड़ने से कोई इनकार नहीं कर सकता है.
 
पीएम ने वीमन लेड डिवेलपमेंट को देश की जरूरत बताकर देश की महिलाओं को संदेश दे दिया है कि देश के विकास में उनका योगदान कितना महत्वपूर्ण है. 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य भी महिला वोटर्स को सहेजने का कारण बनेगा. भारतीय जनता पार्टी के लिए महिलाओं के वोट बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं. कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस की जीत का कारण महिलाओं के लिए हर महीने वित्तीय सहायता की घोषणा को बताया जा रहा था.महिलाओं की इन योजनाओं की चर्चा करके पीएम ने अपना मंतव्य जाहिर कर दिया है. मध्य प्रदेश के चुनावों में जिस तरह प्रियंका गांधी को कांग्रेस आगे कर रही है ये उसके लिए भी यह बीजेपी का हथियार बनेगा.

Advertisement

रानी दुर्गावती और मीराबाई की चर्चा

पीएम ने अपनी स्पीच की शुरुआत में ही रानी दुर्गावती के 500 जयंती और मीराबाई की 525 वीं जयंती की चर्चा कर अपने इरादे जता दिए थे. मध्यप्रदेश और छ्त्तीसगढ़ के चुनावों में रानी दुर्गावती कितनी महत्वपूर्ण हो गईं हैं ये पिछले दिनों कांग्रेस और बीजेपी के राजनीतिक कार्यक्रमों की लिस्ट देखकर लगाया जा सकता है.एक आदिवासी नेत्री और एक राजपूत नेत्री का नाम लेकर पीएम ने इन समुदायों को साधने का प्रयास किया है. जाहिर है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव जल्द होने वाले हैं. और इन तीन राज्यों में कुल करीब 65 लोकसभा सीटों ( मध्यप्रदेश 29, राजस्थान -25 , छत्तीसगढ़-11) का भी स्टैक है.

महंगाई और बेरोजगारी पर विपक्ष को दिया तगड़ा जवाब

मोदी सरकार को घेरने में विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार की असफलता का आरोप लगाना होता है.पीएम मोदी ने विपक्ष के इन आरोपों का जवाब भी आज के अपने भाषण में दिया.
पीएम मोदी ने अपनी स्पीच  में साबित किया कि उनके कार्यकाल में कोरोना की विपत्ति के बावजूद महंगाई पर नियंत्रण रखने की भरसक कोशिश हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि 5 साल में साढ़े तेरह करोड़ गरीब भाई बहन नियो मिडिल क्लास में आए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना 20 लाख करोड़ रुपये युवाओं को अपने कारोबार के लिए दिए हैं. इस योजना के चलते 8 करोड़ लोगों ने अपना कारोबार शुरू किया है. हर कारोबार ने 1-2 लोगों को रोजगार दिया है. आज मेरे युवाओं ने दुनिया में तीन पहले स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थान दिला दिया है.भारत ने जो कमाल किया है, वो दिल्ली-मुंबई चेन्नई तक सीमित नहीं है. टियर 2 और टियर 3 सिटी के नौजवान भी भाग्य गढ़ रहे हैं. 

Advertisement

पीएम मोदी ने कहा, विश्व कोरोना के बाद उभर नहीं पाया है. युद्ध ने नई मुसीबत पैदा की है. दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है. हम भी दुनिया से सामान लाते हैं, हमारा दुर्भाग्य है कि महंगाई इंपोर्ट करनी पड़ती है. भारत ने महंगाई पर नियंत्रित रखने के लिए कई प्रयास किए हैं और हमें सफलता भी मिली है. दुनिया से अच्छी स्थिति हमारे लिए है, यह सोचकर हम बैठ नहीं सकते. हमारा लक्ष्य देश को महंगाई से छुटकारा दिलाना है. इसके लिए हमारे प्रयास जारी रहेंगे. इस तरह पीएम ने देश की जनता को यह समझाने की कोशिश की कि महंगाई के मोर्चे पर हम दुनिया के देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.
 

हिंदुत्व और राष्ट्रवाद का अलख

पीएम मोदी ने अपनी स्पीच की शुरुआत में 1000 साल की गुलामी की चर्चा की .उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले किसी ने भारत के एक छोटे राजा पर आक्रमण किया और उसका  नुकसान पूरे देश पर हुआ और उसका प्रभाव एक हजार साल तक देश पर रहा. उन्होंने कहा कि आज हम देश के अमृतकाल में जो मेहनत , तपस्या करेंगे, जो फैसले करेंगे, जो कदम उठाएंगे उनका असर आगामी 1000 साल तक होने वाला है.देश का स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है. पीएम ने बिना आक्रमणकारियों और पीड़ित राजा का नाम लिए ही हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की अलख जगाई. 

Advertisement


विकसित भारत के बहाने जनता से आशीर्वाद भी मांग लिया

आज लाल किले से आपकी मदद मांगने आया हूं. आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं. अनुभव के आधार पर कह रहा हूं गंभीरता पूर्वक उन चीजों को हमें लेना होगा, आजादी के अमृतकाल में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, दुनिया में विकसित भारत का तिरंगा झंडा होना चाहिए. रत्तीभर हमें रुकना नहीं है. सुचिता, पारदर्शिता, निष्पक्षता की जरूरत है. हम इस मजबूती को जितना खाद पानी दे सकते हैं, ये हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए. उन्होंने कहा, भारत के समार्थ्य में कभी कमी नहीं थी. जो देश कभी सोने की चिड़िया था. 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तो भारत विकसित देश होगा. बहाना तो  भारत को 2047 में विकसित देश बनाने का था . पर दुबारा सत्ता में आए बिना यह कैसे संभव होगा? जाहिर है कि जनता का आशीर्वाद अगर मिल गया तो अगली सरकार फिर बीजेपी की ही होगी.

 

Advertisement
Advertisement