केंद्रीय मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में जीएसटी परिषद के गठन को मंजूरी दी गई है. इस परिषद का गठन 11 नवंबर तक किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में परिषद के गठन कार्य, प्रगति और प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दे दी गई है.
परिषद में शामिल होंगे राज्यों के वित्त मंत्री
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में इस परिषद का गठन किया जाएगा. इस परिषद में सभी 29 राज्य और संघ शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी होंगे. परिषद नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के लिए कर की दर, उस में दी जाने वाली छूट और इसकी सीमा पर फैसला करेगी. सरकार की पूरी कोशिश है कि 1 अप्रैल 2017 से इस नई कर प्रणाली को लागू किया जाए. इस परिषद में सदस्य के तौर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के अलावा राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे.
राष्ट्रपति ने दे दी थी सहमति
केंद्र का इसमें एक तिहाई मत होगा. जबकि राज्यों का इसमें दो तिहाई मत होगा. किसी भी सहमति पर पहुंचने के लिए तीन चौथाई बहुमत जरूरी होगा. यह बता देना आवश्यक है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले हफ्ते ही विधेयक पर अपनी सहमति प्रदान कर दी थी. उसके बाद ही इस परिषद के गठन का रास्ता साफ हुआ था. इसके बाद यह विधायक राज्यों में पास होने के लिए गया था. इस विधेयक को सभी राज्यों और दो संघ शासित प्रदेशों में से 50% विधानसभाओं के अनुमोदन की जरूरत होती है. 19 राज्यों ने जीएसटी विधेयक को अनुदित करके भेजा है.