वैष्णों देवी के श्रद्धालुओं को बड़ा तोहफा मिला है. अब वह माता के दर्शन के लिए जम्मू की बजाय सीधे कटरा तक पहुंच सकेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू से कटरा ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर लोगों को ये सौगात दी. पढ़िए इस ऐतिहासिक मौके पर मोदी का दिया पूरा भाषण...
मोदी मोदी का शोर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ
मोदी मुस्कुराए, फिर बोले
मंच पर विराजमान जम्मू कश्मीर के गवर्नर श्रीमान एनएन वोहरा जी, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान उमर अब्दुल्ला जी, आज के इस समारोह के केंद्र बिंदु रेल मंत्री और जो सदा सर्वदा आनंदमयी रहते हैं ऐसे श्रीमान सदानंद गौड़ा जी, आप उनको हमेशा मुस्कुराते हुए देखेंगे, इसी धरती की संतान, मंत्रिपरिषद के मेरे साथी डॉ. जीतेंद्र सिंह जी, राज्य रेल मंत्री श्रीमान मनोज सिन्हा जी, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, उपस्थित सभी महानुभाव
एक तरफ श्री अमरनाथ यात्रा चल रही है. बड़ा पवित्र माहौल है. दूसरी तरफ रमजान का पवित्र महीना चल रहा है. और तीसरी तरफ आज माता वैष्णो देवी के चरणों में भारत भर के उसके भक्तों को लाने की सुविधा प्रदान करने का एक मंगल प्रारंभ हो रहा है. एक तरह से सब तरफ पवित्रता का माहौल है. मैं देश के माता वैष्णो देवी के चरणों में आने वाले करोड़ों भक्तों को शुभकामना देता हूं. ये सिर्फ जम्मू कश्मीर के लिए सुविधा नहीं है. न ही ये सिर्फ उन्हें भेंट है. ये सवा सौ करोड़ देशवासियों को भेंट है, जो यहां आने के लिए लालायित रहते हैं.
मैंने रेल मंत्री जी को सुझाया था कि दिल्ली से कटरा तक की ये जो व्यवस्था है, आगे चलकर और स्थानों से भी जुड़कर देश के भिन्न भिन्न कोनों से यात्रियों को कटरा लाने का जो प्रबंध हो रहा है. इस ट्रेन को श्री शक्ति एक्सप्रेस के नाम से जाना जाए. ताकि माता वैष्णो देवी के चरणों में हम जा रहे हैं, इसकी अनुभूति यात्रियों को होती रहे.
मैं माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और गवर्नर साहब का अभिनंदन करना चाहता हूं कि यहां रेलवे स्टेशन पर टेक्नोलॉजी का प्रबंध अच्छा हुआ है. इसलिए हिंदुस्तान के किसी भी कोने से आने वाले यात्री के लिए ये सुनिश्चित हो जाएगा कि उसका समय खराब न हो. आगे की यात्रा के लिए पूरी व्यवस्था और मार्गदर्शन मिले.
जब विकास होता है तो कभी कभार ऐसा लगता है, कि वहां पर ये हुआ तो मेरा क्या होगा. जैसे मुख्यमंत्री जी ने जम्मू के लोगों की चिंता का जिक्र किया. मैं अनुभव से कह सकता हूं कि वहां के विकास में कोई रुकावट नहीं आएगी. जो सीधे कटरा आएगा, वह भी जम्मू जाए बिना नहीं मानेगा. जम्मू की विकास यात्रा और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनेगी.
जैसे ही इन्फ्रास्ट्रक्चर बना, उसके अगल बगल विकास शुरू हो जाएगा. यहां स्टेशन बाद में बना, व्यापारियों ने अपनी दुकानें पहले सजा लीं. उन्हें समझ है. ये सिर्फ रेलवे या यात्रा करने की सुविधा नहीं है. ये एक तरह से विकास की जननी बन जाती है.
मेरे ख्याल से जम्मू को रेल से जोड़ने का अटल जी ने जो शुभारंभ किया, उसे हमें आगे बढ़ाना है. बनिहाल तक पटरी ले जानी है. इतना ही नहीं राज्य और केंद्र मिलकर एक नवीन व्यवस्था को देश के इतिहास में पहली बार प्रारंभ कर रहे हैं. हाइब्रिड व्यवस्था है. रेल और बस की कनेक्टिविटी की गई है.
अब जिन्हें श्रीनगर जाना है, उन्हें रेलवे स्टेशन पर बस की भी टिकट मिलेगी. और आगे की यात्रा के लिए बनिहाल से रेलवे की भी टिकट मिलेगी और आगे श्रीनगर पहुंचेगा. भविष्य में भी रेलवे का विकास करने के लिए केंद्र और राज्य का पार्टनरशिप मॉडल जितना विकसित होगा, उतना फायदा होगा.
मैं मुख्यमंत्री जी की बात से सहमत हूं. हमारे रेलवे स्टेशन ऐसे क्यों पुराने से दिखते हैं. क्यों न हमारे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट से भी बढ़िया क्यों न हों.सिर्फ जम्मूवासियों को ही नहीं देशवासियों को यकीन दिलाता हूं.हम रेलवे के विकास में प्राथमिकता मेट्रो सिटी और उनके रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाना. एयरपोर्ट से ज्यादा अधिक सुविधाजनक रेलवे स्टेशन हो. यह हमारा सपना है. ये कठिन नहीं है और आर्थिक रूप से भी जटिल नहीं है.
पिछले दिनों मैंने रेलवे के मित्रों से इस बारे में विस्तार से चर्चा की है. जल्द आपको बदलाव नजर आएगा. इसमें प्राइवेट पार्टी भी शामिल होंगी.
आने वाले दिनों में जम्मू कश्मीर में विकास एक नई ताकत कैसे बने. इसके लिए आज दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं. पहला ये रेल प्रोजेक्ट. दूसरा. उरी में जाकर पावर प्रोजेक्ट का उदघाटन, जो जम्मू कश्मीर को विकास की ऊर्जा देगा.
मैं मानता हूं कि हमारे हिमालय स्टेट्स की कई एक समान कठिनाइयां हैं. कई एक समान अवसर भी हैं. अगर उनका एक कॉमन मॉडल विकसित किया जाएगा तो उनका समाधान जल्द होगा. केंद्र के पास स्पष्ट विजन होगा. राज्यों के पास उन्नत मॉडल होंगे. इसका लाभ जम्मू कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों को भी मिलेगा. मैं आज जब जम्मू कश्मीर की धरती पर आया हूं. माता वैष्णो देवी के चरणों में आया हूं. जब चुनाव अभियान शुरू किया तब भी माता का आशीर्वाद लिया. आज विकास यात्रा शुरू कर रहा हूं, तो वह भी आशीर्वाद के साथ कर रहा हूं. मुझे यकीन है कि हमें इससे और सामर्थ्य मिलेगी.
टूरिज्म में यात्रियों की सुविधा के साथ रेलवे पर्यावरण हितैषी व्यवस्था होती है. जम्मू कश्मीर में ऐसा हो तो दुनिया आकर्षित होगी. हम इस रेलवे के माध्यम से हम पर्यावरण हितैषी यातायात को बल दे रहे हैं. हम हिमालयन रेंज में विकास करने के दौरान पर्यावरण का पूरा ध्यान रखेंगे.
यहां रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने गया. वहां का दृश्य देखा. ऐसा कम देखने को मिलता है. ऊपर पहाड़ से स्टेशन पर जाने को मिलता है. मैंने तुरंत कहा कि हिंदुस्तान का यह ऐसा रेलवे स्टेशन बन सकता है, जिसे पूरा हम सोलर रेलवे स्टेशन बना सकते हैं. चेयरमैन साहब ने कहा कि हम इसे तुरंत हाथ में लेंगे. देश के लिए एक मॉडल पेश करेंगे. जब यात्री आएंगे तो उन्हें प्रेरणा मिलेगी. जम्मू कश्मीर अनेक कठिनाइयों से गुजरा है. अब हर एक की इच्छा है कि यह राज्य सुखी हो, समृद्ध बने. यहां के नौजवानों को रोजगार मिले. नई जिंदगी जीने का अवसर मिले.
यहां कटरा स्टेशन पर ट्रेन में जा रहे बच्चों से मैंने पूछा. कितनों ने ट्रेन देखी. ट्रेन में बैठे. 21वीं सदी का पहला दशक चला गया. उन बच्चों में 80 फीसदी ने कहा. हमने पहली बार ट्रेन देखी. इसमें बैठे. उनके लिए आनंद का विषय है. पर हमारे लिए सोचने का विषय है. कि हमने कैसे चलाया कि इन्हें इतने बरस बाद अवसर मिला. हमारा दायित्व बनता है कि सुदूर कोने में बैठे लोगों को भी विकास का लाभ मिलना चाहिए. आखिरी छोर तक बैठे व्यक्ति को मिलना चाहए. अटल जी ने जिस विकास यात्रा को शुरू किया है. उसे हम आगे बढ़ाएँगे. हमारा मकसद राजनीतिक जय पराजय वाला नहीं है. मैं जम्मू कश्मीर के नागरिकों का दिल जीतना चाहता हूं. इसे विकास के माध्यम से करना चाहता हूं.
इन्हीं शब्दों के साथ मैं राष्ट्र को श्रीशक्ति एक्सप्रेस समर्पित करता हूं. बहुत बहुत धन्यवाद