सरकार के टॉप सूत्रों ने आजतक को बताया कि देश की रक्षा कंपनियों की उत्पादन क्षमता और उनके तकनीकी कौशल की जानकारी डीआरडीओ और रक्षा उत्पादन विभाग ने पीएम मोदी को दी. सूत्रों ने कहा कि इस बारे में पीएम की बुलाई गई मीटिंग में कुछ कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ नौकरशाह और पीएमओ के टॉप अधिकारी मौजूद थे. 101 उत्पादों की लिस्ट को अंतिम रूप देने के लिए कई राउंड की मीटिंग की गई और इसमें रक्षा विभाग के अधिकारी शामिल रहे.
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बता दें कि देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाना नरेंद्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. सरकार देश में सैन्य उद्योग को बढ़ावा देना चाहती है ताकि रोजगार में बढ़ोतरी और हथियार खरीदने में देश का जो पैसा बाहर चला जाता है उसका फायदा देश की कंपनियों और युवाओं को ही मिले.
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कई देसी कंपनियां प्रधानमंत्री से आग्रह कर रही थी कि देश में डिफेंस प्रोडक्शन का इको सिस्टम ठीक किया जाए. प्रधानमंत्री के साथ हुई मीटिंग में इन तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने प्रधानमंत्री देसी रक्षा उद्योंगो का स्टेटस बताया. प्रधानमंत्री की ओर से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही रक्षा मंत्रालय ने 101 हथियारों और रक्षा उपकरणों की सूची तैयार की. रक्षा मंत्रालय दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से इन समानों के आयात पर प्रतिबंद्ध लगाएगा.
बताया जा रहा है कि इन सामानों का देश में उत्पादन शुरू होने के बाद 6 से 7 सालों में देसी रक्षा कंपनियों को 4 लाख करोड़ का ऑर्डर मिलेगा.