प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बड़े अभियान की शुरुआत करने वाले हैं. इस अभियान के तहत सालभर में करीब 800 गावों का कायाकल्प किया जाएगा. दरअसल आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है. इस मौके पर मोदी 'सांसद आदर्श ग्राम योजना' को हरी झंडी दिखाएंगे.
लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस योजना को देश के सामने रखा था, उसकी बकायदा शुरुआत होने जा रही है. इसके योजना के तहत हर सांसद एक गांव को गोद लेगा. लेकिन शर्त ये है कि जो सांसद जो भी गांव चुनेंगे वो गांव सांसद या उनकी पत्नी का नहीं होगा. इस योजना का ब्लू प्रिंट ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तैयार किया है.
नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अपने गांव वडनगर को तो चमका दिया है लेकिन अब उनके सामने वाराणसी के एक गांव को चमकाने की चुनौती है. मोदी ने वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के ककरहिया को गोद लिया है. लेकिन वडनगर की तुलना में ककहरिया गांव को विकास का ककहरा सिखना है. इस गांव में हाई स्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज नहीं है. बीमार पड़ने पर इलाज के लिए प्राथमिक अस्पताल तक नहीं है. सबसे पुराने शहर से सटे होने के बावजूद गांव में पक्की सड़क नहीं है. साफ पानी तक के लिए इस गांव के लोगों को जूझना पड़ता है.
प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी 14 अक्टूबर को वाराणसी जा रहे हैं. जहां वो इस गांव का कायाकल्प करने पर विचार करेंगे.