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2019 में किसके लिए प्रचार करेंगे प्रशांत किशोर, दिया चौंकाने वाला जवाब!

बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही प्रशांत किशोर के संगठन IPAC का एक सर्वे सामने आया था. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बताया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पीएम मोदी से काफी पीछे थे.

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प्रशांत किशोर (फाइल फोटो)
प्रशांत किशोर (फाइल फोटो)

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2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 2015 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राजनीतिक कैंपेन चला उन्हें विजय बनाने वाले रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब किसी के लिए काम नहीं करेंगे. प्रशांत किशोर ने ऐलान किया है कि 2019 में वह किसी भी राजनीतिक दल या हस्ती के लिए कैंपेन नहीं करेंगे.

हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने ये चौंकाने वाला बयान दिया. पीके ने यहां नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार और कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए किए गए प्रचार की बातें साझा की.

प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह अपना ही एक प्लेटफॉर्म (I-PAC) खोलेंगे, लेकिन अब ये काम कर रहा है. इसी के साथ उन्होंने ये भी ऐलान कर दिया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में वह किसी के लिए भी बतौर कैंपेनर काम नहीं करेंगे.

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प्रशांत किशोर बोले कि पिछले दो साल से मैं बतौर कैंपेनर रेस्ट लेना चाहता था, यूपी के फेलियर ने इस नतीजे को कुछ दिनों तक रोका था. लेकिन ये तय है कि 2019 में आप PK को किसी भी नेता के लिए प्रचार करते हुए नहीं देखेंगे.

यह पूछे जाने पर कि अब वह क्या करेंगे तो प्रशांत किशोर ने जवाब दिया कि वह कुछ ऐसा करना चाहेंगे जो उन्हें ज़मीन से जोड़े. ये शायद बिहार या गुजरात में हो सकता है.

2014 चुनाव के बाद अमित शाह और उनके बीच हुए किसी विवाद जैसी खबरों का प्रशांत किशोर ने खंडन किया. उन्होंने कहा कि हमने मोदी जी के लिए काम करना बंद कर दिया था, हम उनके साथ पीएमओ में भी काम करना चाहते थे. लेकिन क्योंकि वह नए थे और हम भी नए थे, इसलिए ये प्लान आगे नहीं बढ़ सका.

उन्होंने बताया कि जिसके बाद मेरी मुलाकात नीतीश कुमार से हुई तब वह मुख्यमंत्री नहीं थे, जिसके बाद हमने उनके लिए भी काम किया. PK ने बताया कि हम पंजाब में कैप्टन के लिए काम करने इसलिए गए क्योंकि हम देखना चाहते थे कि कौन बढ़िया कैंपेनर है, हम या आम आदमी पार्टी. उन्होंने कहा कि 2015 के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उन्हें वापस बुलाना चाहते थे, लेकिन अभी तक उन्होंने तय नहीं किया है.

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