दशकों से तमिलनाडु की राजनीति की एक धुरी बने रहे एमके करुणानिधि के दुनिया से अलविदा होने के बाद उनकी सियासी विरासत संभालने वाले एम. के. स्टालिन की लोकप्रियता का ग्राफ इस दक्षिणी राज्य में सबसे ऊंचा है. इंडिया टुडे ग्रुप के लिए एक्सिस माई इंडिया की ओर से एकत्र पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) डेटा के मुताबिक स्टालिन तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के लिए वोटरों की पसंद के मामले में अपने तमाम प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे हैं.
31 फीसदी प्रतिभागियों का मानना कमल हासन राजनीति में सफल होंगे
ताजा PSE सर्वे के डेटा बताते हैं कि तमिलनाडु की मौजूदा AIADMK सरकार को भारी सत्ता विरोधी रूझान (एंटी इंक्मबेंसी फैक्टर) का सामना करना पड़ रहा है. AIADMK पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद से खेमेबंदी की शिकार है. तमिलनाडु के हाल फिलहाल के घटनाक्रम में दो सुपरस्टारों कमल हासन और रजनीकांत का सियासत के मैदान में कूदना बड़ा चर्चित रहा है. PSE सर्वे में जब प्रतिभागियों से पूछा गया कि कमल हासन और रजनीकांत में से किसके राजनीति में अधिक सफल रहने की संभावना है तो पलड़ा कमल हासन के पक्ष में अधिक झुका दिखाई दिया. PSE सर्वे के 31% प्रतिभागियों का मानना रहा कि कमल हासन की राजनीति में सफल होने की अधिक संभावना है वहीं 27% ने रजनीकांत के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की. इस सवाल पर 42% वोटर कोई स्पष्ट राय व्यक्त नहीं कर सके.
57 फीसदी लोग AIADMK के कामकाज से असंतुष्ट
ताजा PSE सर्वे में ई पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की मौजूदा AIADMK सरकार के कामकाज से सिर्फ 17 फीसदी ही वोटर संतुष्ट दिखे. तीन महीने पहले हुए सर्वे में 18 फीसदी वोटरों ने पलानीस्वामी सरकार के कामकाज पर संतोष जताया था. PSE डेटा में तमिलनाडु में सत्ता विरोधी रूझान का इसी से पता चलता है कि ताजा सर्वे में 57% वोटरों ने खुद को मौजूदा सरकार के कामकाज पर असंतुष्ट बताया. तीन महीने पहले हुए PSE सर्वे में 54% वोटरों ने सरकार के कामकाज पर असंतोष जताया था.
32 फीसदी लोगों का मानना, पलानीस्वामी सरकार बीजेपी की छाया
PSE सर्वे में जब प्रतिभागियों से यह सवाल किया गया कि क्या आपको लगता है कि तमिलनाडु में ई पलानीस्वामी सरकार राज्य में केंद्र की बीजेपी की छद्म (Proxy) सरकार के तौर पर काम कर रही है तो 32% प्रतिभागियों ने ‘हां’ में जवाब दिया. वहीं 23% वोटरों ने कहा कि ऐसा नहीं है. इस सवाल पर 45% वोटर कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके. PSE सर्वे में 30 फीसदी वोटरों का मानना रहा कि बीजेपी की ओर AIADMK के अलग अलग गुटों को साथ लाने की कोशिश नहीं की जा रही है. वहीं 28% प्रतिभागियों ने कहा कि बीजेपी की ओर से ऐसी कोशिश की जा रही है. इस सवाल के जवाब में 42% वोटर कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके.
PSE सर्वे से ये भी सामने आया कि केंद्र में बीजेपी सरकार के साढ़े चार साल के कामकाज से भी तमिलनाडु में असंतुष्ट वोटर संतुष्ट वोटरों के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं. ताजा सर्वे के मुताबिक 24% वोटरों ने केंद्र में बीजेपी सरकार के कामकाज पर संतोष जताया. इस आंकड़े में बीते तीन महीने में कोई बदलाव नहीं आया. दूसरी ओर, केंद्र में बीजेपी सरकार के कामकाज से असंतुष्ट वोटरों का आंकड़ा बीते 3 महीने में 38% से बढ़कर 41% हो गया.
राहुल की लोकप्रियता बढ़ी, घटी मोदी की लोकप्रियता
तमिलनाडु के लिए PSE सर्वे का एक और महत्वपूर्ण निष्कर्ष ये है कि इस दक्षिणी राज्य में प्रधानमंत्री के लिए वोटरों की पसंद के मामले में राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर बढ़त बनाई हुई है. ताजा सर्वे के मुताबिक बीते तीन महीने में तमिलनाडु में राहुल की लोकप्रियता में जहां 3% का इजाफा हुआ है वहीं मोदी की लोकप्रियता में 1% की गिरावट आई है. राज्य के ताजा सर्वे में 39% वोटरों ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के लिए पहली पसंद बताया, जबकि तीन महीने पहले ये आंक़ड़ा 36% था. वहीं मोदी को ताजा सर्वे में 28% वोटरों ने प्रधानमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया. तीन महीने पहले हुए सर्वे में 29% वोटरों ने मोदी के पक्ष में राय व्यक्त की थी.
43 फीसदी प्रतिभागी चाहते हैं, स्टालिन बनें सीएम
पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज के लिए एक्सिस माई इंडिया की ओर से कराए गए ताजा सर्वे के मुताबिक स्टालिन को 43% प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद बताया. तीन महीने पहले हुए सर्वे में स्टालिन को 41% वोटरों ने मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद बताया था. अभिनेता से नेता बने कमल हासन को 10% वोटरों ने मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद बताया. वहीं तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत को ताजा सर्वे में 5% वोटरों ने ही मुख्यमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया. तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री पलानीस्वामी को ताजा सर्वे में सिर्फ 8% वोटरों ने ही एक और कार्यकाल देने के पक्ष में राय व्यक्त की.