सोशल मीडिया पर लोग भले ही राहुल के सवाल के शब्दों और टाइमिंग को लेकर सवाल उठा रहे हों लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 26 फरवरी 2019 को बालाकोट में जो एयर स्ट्राइक की, उसे बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त भुनाया और नतीजे बताते हैं कि इसका उसे फायदा भी भरपूर मिला.
गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे. हमले के बाद केंद्र की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. आम जनता भी पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग करने लगी. पीएम मोदी ने तब इतना ही कहा था कि इसका उचित जवाब उचित समय पर दिया जाएगा.
पुलवामा के बदले से चौंक गई दुनिया
आतंकी हमले के 12 दिन बाद मोदी सरकार ने भारत सहित पूरी दुनिया को चौंका दिया. 26 फरवरी 2019 को भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. इस हमले में जैश को भारी क्षति हुई और सरकारी सूत्रों ने सैकड़ों आतंकियों के मारे जाने का दावा किया. केंद्र की मोदी सरकार की वाहवाही होने लगी,
अभिनंदन की सकुशल रिहाई
हमले से हैरान-परेशान पाकिस्तान ने एक दिन बाद ही उसका जवाब देने के लिए भारत में फाइटर प्लेन एफ-16 से घुसने की कोशिश की. उसकी इस कोशिश को नाकाम करने के प्रयास में भारतीय वायुसेना का मिग-21 विमान क्रैश होकर पाकिस्तान में जा गिरा. विमान के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने अपनी हिरासत में ले लिया.
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इस मौके का एक वीडियो वायरल हो गया और पूरे देश में उनकी सकुशल रिहाई की मांग होने लगी. भारत के दबाव में पाक को 48 घंटे के भीतर अभिनंदन को छोड़ना पड़ा. अभिनंदन भारत में हीरो बन गए और फिर एक बार मोदी सरकार की पीठ थपथपाई जाने लगी.
एयर स्ट्राइक के बाद सबूत मांगने पर विवाद
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत की जनता गदगद थी. उसे लग रहा था कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान को सही सबक सिखाया है. वहीं पाकिस्तानी मीडियाभारत सरकार के दावे को खारिज कर रही थी. मीडिया ने घटनास्थल पर जाकर लाइव रिपोर्टिंग की और दावा किया कि बालाकोट में किसी ठिकाने को कोई नुकसान नहीं हुआ है. वहां सिर्फ एक कौए की मौत हुई है और कुछ पेड़ गिरे हैं. अब भारत में विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाते हुए एयर स्ट्राइक में पाक को हुए नुकसान के सबूत मांगे. एक के बाद एक कई विपक्षी नेताओं ने सबूत दिखाने की बात कही.
लोकसभा चुनाव में मुद्दा बना राष्ट्रवाद
फरवरी में बालाकोट एयर स्ट्राइक हुई और अप्रैल में लोकसभा चुनाव होना था. विपक्ष के निशाने पर थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. पीएम मोदी से चुनाव के पहले किए गए वादों का हिसाब मांगा जा रहा था. नेता पूछ रहे थे कि किस-किस के अकाउंट में मोदी जी ने 15 लाख रुपये डाले. सरकार राफेल और बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर घिर रही थी. इस बीच भाजपा के रणनीतिकारों ने पूरे चुनाव को राष्ट्रवाद पर मोड़ दिया.
नारा दिया गया- मोदी है तो मुमकिन है
भाजपा ने अपनी रणनीति में पुलवामा हमले का बदला यानी एयर स्ट्राइक को शामिल कर लिया. पार्टी ने फैसला किया कि चुनावी सभाओं में सिर्फ विकास नहींबल्कि राष्ट्रवाद को भी भुनाया जाएगा. पीएम मोदी की सभा में पुलवामा के शहीदों की फोटो लगाई जाने लगी. भाजपा ने एक टैग लाइन बनाई मोदी है तो मुमकिन है. बीजेपी के पक्ष में जनता की भावनाओं को जोड़ने के लिए इस टैगलाइन का चुनाव प्रचार के दौरान खूब इस्तेमाल किया गया और भाजपा जनता को इसमें रिझाने में कामयाब भी हुई.
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एयर स्ट्राइक के बाद 26 फरवरी को दोपहर में राजस्थान के चुरू में प्रधानमंत्री मोदी की रैली थी. इसमें पीएम मोदी ने जनसभा के दौरान लोगों के सामने गाया- सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा...मोदी ने इस गीत पर जनता की खूब तालियां बटोरीं.
एयर स्ट्राइक के बाद बैकफुट पर कांग्रेस
चुनावी जनसभाओं में प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राहुल के राफेल के मुद्दे को राष्ट्रवाद के आगे खत्म कर दिया. राहुल गांधी ने जहां राफेल के मुद्दे पर 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया था. वहीं मोदी ने इसे 'मैं भी चौकीदार' मुहिम चलाकर दबा दिया. पीएम मोदी और भाजपा के नेताओं ने कहा कि शहादत पर विपक्ष राजनीति कर रहा है. हमसे बालाकोट एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे जा रहे हैं. ये शहीदों का अपमान है.
अब कांग्रेस पूरी तरह बैकफुट पर आ गई. चुनावों के बाद जब परिणाम आया तो चुनावी पंडितों का सारा हिसाब धरा का धरा रह गया. भारतीय जनता पार्टी को 303 सीटें मिलीं और एनडीए को 352. मोदी सरकार पुलवामा हमले के बदले का चुनावी फायदा उठाने में पूरी तरह कामयाब रही.