दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी आम आदमी पार्टी के भीतर कलह के आसार हैं. पार्टी की राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) ने पार्टी की पंजाब इकाई में कई बड़े फेरबदल किये हैं. अब मशहूर हास्य कलाकार और संगरूर से सांसद भगवंत मान राज्य में पार्टी के सूबा प्रधान यानी संयोजक होंगे. वहीं विधायक अमन अरोड़ा को सह-प्रधान (सह-संयोजक) बनाया गया है. पार्टी का कहना है कि भगवंत मान पार्टी के अंदरूनी मामलों को देखेंगे और अमन अरोड़ा पार्टी के विस्तार का जिम्मा संभालेंगे. साथ ही जगरांव से विधायक सरबजीत कौर मानुके को विधानसभा में पार्टी विधायक दल का उप-नेता चुना गया है. एच. एस फुल्का विधायक दल के नेता बने रहेंगे.
पार्टी का रोडमैप तैयार
पीएसी ने सोमवार शाम हुई बैठक में आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई की ओवरहॉलिंग के लिए रोडमैप को मंजूरी दी. सोमवार की सुबह अरविंद केजरीवाल ने राज्य के विधायकों और पार्टी नेताओं के साथ मैराथन बैठक की थी. पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने इन नुमाइंदों के साथ अलग से भी मीटिंग की थी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन बदलावों से पहले राज्य में पार्टी के सभी अहम नेताओं की राय ली गई. फेरबदल का मकसद पार्टी के भीतर जवाबदेही को बढ़ाना है.
पंजाब में होंगे 5 AAP उप-प्रधान
पीएसी ने जिन बदलावों पर मुहर लगाई है उनमें पार्टी की राज्य इकाई में 5 उप-प्रधानों की नियुक्ति भी है. इनमें से मालवा इलाकों से होंगे जबकि 1-1 उप-प्रधान दोआबा और माझा से नियुक्त होंगे.
राज्य में होगी अलग पीएसी
इसके अलावा पार्टी ने पंजाब की राज्य इकाई के लिए अलग से पीएसी गठित करने का भी फैसला किया है. इसका मकसद राज्य इकाई को अपने बूते पर फैसले लेने के लिए बढ़ावा देना है.
कांग्रेस के खिलाफ मुहिम की तैयारी
आम आदमी पार्टी का कहना है कि संगठन में इस बदलाव के बाद अब राज्य की अमरिंदर सिंह सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ी जाएगी. सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वायदों पर खरा उतरने का दबाव बनाया जाएगा. पीएसी ने राज्य इकाई को निर्देश दिया है कि वो इस काम के लिए जनता के बीच जाए.
कलह की जमीन तैयार?
हालांकि आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में सभी नेता इन बदलावों से खुश नहीं हैं. पार्टी के एनआरआई विंग ने केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर कहा था कि भगवंत मान को राज्य का संयोजक ना बनाया जाए. मान को इस ओहदे के लिए पार्टी विधायक सुखपाल खैरा से भी टक्कर मिल रही थी. खैरा पंजाब में पार्टी के चीफ व्हिप हैं. वो दिसंबर 2015 में कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे. खैरा पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता भी रह चुके हैं. भगवंत मान की नियुक्ति के बाद उनके समर्थकों के बीच नाराजगी बढ़ने की आशंका है.