पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में एसी कोच उन मुसाफिरों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है जिन्हें इन दुनिया की रौनक देखने का सुख नहीं मिल पाता है. इस तरह पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ब्रेल चिह्नों से युक्त कोच वाली देश की पहली ट्रेन होगी.
रेलवे ने पहली बार इस तरह के एक एसी थ्री टियर कोच का निर्माण किया है. दिल्ली-पुरी सुपरफास्ट पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में ब्रेल चिह्न से युक्त कोच का परिचालन इस महीने के अंत तक शुरू होगा. नि:शक्त यात्रियों के लिए ट्रेनों और स्टेशनों को और ज्यादा अनुकूल बनाने को लेकर सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत ऐसा किया जा रहा है. इस समय कोच में पहचान चिह्न, दिशा-निर्देश, सीट नंबर आदि विनायल स्टीकर अथवा धातु प्लेटों पर लिखा होता है और ब्रेल अक्षर नहीं होता. इसे दृष्टिबाधित यात्री नहीं पढ़ सकते हैं.
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्टरी में निर्मित ब्रेल चिह्नों वाला कोच तैयार है और इसे पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में लगाया जाना है. एसी कोच के बर्थ, शौचालय, वास बेसिन और यहां तक की दरवाजे पर भी ब्रेल चिह्न है.
उन्होंने कहा कि रेलवे के अनुसंधान इकाई और दृष्टिहीनों के एसोसिएशनों के साथ मशविरा के जरिए मिली जानकारी के साथ दृष्टिबाधित लोगों के लिए अनुकूल कोच को बनाया गया है. ट्रेनों में यात्रा के दौरान दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा की दिशा में बड़े कदम के तहत रेलवे ब्रेल चिह्नों से और ज्यादा एसी और गैर एसी कोच को लैस करने की योजना बना रहा है.