राफेल डील को लेकर हंगामे के बीच बुधवार को राज्यसभा में कैग रिपोर्ट पेश हुई. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एनडीए सरकार का राफेल सौदा यूपीए सरकार से सस्ता था. कैग की रिपोर्ट पेश होने के बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला जारी है. उन्होंने कहा कि राफेल डील मोदी ने सिर्फ अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ देने के लिए की .राहुल ने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि संसद में कैग की रिपोर्ट ने संख्या को कम किया है. यह अपने आप में रिपोर्ट पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है.
उन्होंने कहा कि बैंक गारंटी जो पिछले सौदे में मौजूद थी और अतिरिक्त 7% लागत का गठन किया गया था वो नए सौदे में मौजूद नहीं है. तो 2.86% की तथाकथित बचत को लापता बैंक गारंटी की लागत के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.
राहुल ने कहा कि पीएम मोदी, अरुण जेटली और रक्षा मंत्री यह तर्क देते थे कि एयरफोर्स को हवाई जहाज की जल्दी जरूरत थी. सच्चाई यह है कि मोदी ने जो नई डील साइन की उससे भारत को हवाई जहाज मूल सौदे की तुलना में देरी से मिला.यदि आप रिपोर्ट पर नज़र डालें तो रिपोर्ट में ये माना गया है कि 2007 के सौदे में संप्रभु गारंटी, बैंक गारंटी और प्रदर्शन गारंटी शामिल थी, जबकि नए सौदे में यह शामिल नहीं है.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी अंदर से घबराए हुए हैं और जानते हैं अब कहीं न कहीं राफेल का मामला अपने अंजाम तक पहुंचेगा.कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अफसरशाही, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय में ये फीलिंग है कि राफेल मामले में शत प्रतिशत चोरी हुई है. अगर कोई घोटाला नहीं हुआ है तो जेपीसी क्यों बनाने से क्यों भाग रहे हैं. क्यों डर रही है बीजेपी.
उन्होंने कहा कि 36 राफेल विमानों के लिए भारत की जरूरतों के हिसाब से बदलाव 126 विमानों के जैसे ही हैं. नए सौदे में प्रति विमान 25 मिलियन यूरो ज्यादा भुगतान किया गया है. और इसी जगह पर भ्रष्टाचार हुआ है. सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक निर्मला सीतारमण जी ने संसद में झूठ बोला है.
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का नेता होने के नाते मेरा काम सरकार की कमियों को उजागर करने का है और यही काम मैं कर रहा हूं.