लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में और उसके बाद कई रैलियों में राहुल गांधी ने बयान दिया था कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है. इसी को लेकर राहुल के खिलाफ बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कोर्ट की अवमानना का केस दाखिल किया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की माफी गुरुवार को स्वीकार कर ली है.
हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने राहुल को नसीहत भी दी है कि भविष्य में बयान देते वक्त सतर्कता बरतें. इसके साथ ही गुरुवार को राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायमूर्तियों की पीठ ने पुनर्विचार याचिकाओं को भी खारिज कर दिया था. राफेल विमान सौदे पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पर हमलावर है.
आजतक से खास बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए, कोर्ट में माफी मांग कर तो कार्रवाई से बच गए सिर्फ डांट पड़ी और नसीहत मिली. लेकिन आपने जो देश में झूठा प्रचार किया, कुंदन बन कर तप कर आज निकले हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी. वे ईमानदारी की प्रतिमूर्ति हैं."
उन्होंने आगे कहा कि राहुल ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया और तीन-तीन बार झूठ बोले. पहले दिसंबर 18 में फैसला आया था राफेल का फिर पूरे चुनाव प्रचार में इसको मामला बनाया. आपने देखा होगा सुप्रीम कोर्ट ने उसको नोटिस किया था, आज माफी मांगी उन्होंने. फिर उन्होंने रिव्यू डाल दिया उसमें भी वही सारी बातें उनके बिहाफ पर कही गईं.
राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, "यह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ था, 30 साल से वायुसेना प्लेन की मांग कर रही थी. अगर आपके पास राफेल होता तो बालाकोट में आपको पाकिस्तान की सीमा में जाने की जरूरत नहीं थी, अपनी सीमा में रहते हुए भी कार्रवाई कर सकते थे. राफेल इतना पावरफुल और शक्तिशाली है. आप 10 साल तक उसको रोके रहे. क्या-क्या आरोप नहीं लगाए."
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन पर झूठी बात कहने का आरोप लगाया. उसके बाद फ्रांस के पुराने राष्ट्रपति हॉलैंड पर झूठा होने का आरोप लगाया. मोदी जी पर आरोप लगाया. कभी रिलांयस की चर्चा कभी अडानी की चर्चा. कभी राफेल की कीमत पर स्टेटमेंट रहा. आखिरकार 'सत्यमेव जयते'... सत्य की जीत हुई है. भारत की सुरक्षा की जीत हुई है. मोदी सरकार की ईमानदार निर्णय प्रक्रिया की जीत हुई है. जिस स्तरहीन सीमा तक राहुल गांधी गए हैं वह भारतीय राजनीति का 'न्यू लो' (निचला स्तर) है.
राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "आज जिस तरह से कोर्ट ने बातें कही हैं उस पर कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए और राहुल गांधी को भी माफी मांगनी चाहिए. संसद के अंदर उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री जी को क्या-क्या कहा. देश भर में नारे लगवाए. 70 साल के इतिहास में तमाम राजनीतिक विरोध और क्लेश के बावजूद यह विपक्ष के किसी नेता ने नहीं कहा कि कोई प्रधानमंत्री चोर है. बोफोर्स के समय में भी बोफोर्स पर बहुत सवाल उठाए गए वो पॉलिटिकल सवाल उठते थे. क्या झूठ बोलना ही राहुल गांधी की फितरत हो गई है."
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''हमें तो गर्व है कि देश की जनता विश्वास करती है, कोर्ट ने दो-दो बार कहा और कुंदन की तरह तप कर हमारे प्रधानमंत्री निकले. उनकी ईमानदारी तो हम सब लोग विश्वास के साथ कहते हैं. मैं भी भारत सरकार का एक मंत्री हूं. हम लोग के दफ्तर में बिचौलियों के लिए दरवाजा बंद है. वो लोग आरोप लगा रहे हैं जिनके हाथ स्कैंडलों से सने हुए हैं. न्यायालय में तो आपने माफी मांग कर आपने अपने आप को बचा लिया. जनता की आंखों में आंखें डालकर आप कभी माफी मांगेंगे.''