कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता विजय इंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अमरावती जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर गंज गांव में सुबह 7.45 बजे अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे. अपनी 15 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के दौरान राहुल गांधी किसानों और उनके परिवार से मुलाकात करेंगे.
पार्टी के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इस पद यात्रा का उद्देश्य उस क्षेत्र के किसानों से मुलाकात करना है, जहां पर कई लोग बढ़ते कर्ज के कारण आत्महत्या कर चुके हैं. राहुल बुधवार रात नागपुर पहुंचे और गुरुवार सुबह एमएलए हॉस्टल से अमरावती के लिए रवाना हो गए.
राहुल गांधी के साथ इस दौरान महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक चव्हाण और कांग्रेस विधायक दल के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल सहित कई अन्य नेता मौजूद रहेंगे.
राहुल गांधी का पर्यटन
इससे पहले बीजेपी ने राहुल गांधी के पंजाब दौरे को 'दिन भर का भ्रमण' और 'पर्यटन' करार दिया और सवाल किया कि जब संप्रग के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में किसान मर रहे थे तब वह कहां थे.
किसानों की स्थिति रेखांकित करने के लिए राहुल द्वारा की गई पंजाब यात्रा के बारे पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'वह पर्यटन का सहारा ले रहे हैं. वह पूरे देश की यात्रा करने के लिए स्वतंत्र हैं और उनका इसके लिए स्वागत है.' एक अन्य केंद्रीय मंत्री ने इस दौरे को 'दिन भर का भ्रमण' करार दिया और कहा कि ऐसा 'एक दिन का प्रचार' उपाय का कांग्रेस पार्टी पर उल्टा असर होगा.
वरिष्ठ मंत्री ने कहा, 'राहुल गांधी एक दिन के भ्रमण का सहारा ले रहे हैं. वह तब कहां थे जब उनकी पार्टी के 10 वर्ष के कार्यकाल के दौरान लाखों किसान मर रहे थे? एक दिवसीय प्रचार जैसी चीजों का उल्टा असर होगा.'
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पंजाब का दौरा किया था. राहुल गांधी ने 'अपनी आंखों से' किसानों की स्थिति देखने के लिए मंगलवार को ट्रेन के सामान्य डिब्बे में सफर कर पंजाब पहुंचे थे और सरहिंद, खन्ना और गोविंदगढ़ मंडियो का दौरा किया था, जहां किसानों को हाल की बेमौसमी बारिश के बाद कथित तौर पर अपनी उपज बेचने में मुश्किल हो रही है. राहुल ने तीन मंडियों का दौरा किया जो कि राज्य की तीन मुख्य अनाज मंडियां हैं.
वरिष्ठ मंत्री ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनके विदेशी दौरों के लिए आलोचना करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री नहीं हैं जो विदेश की यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि मोदी विदेशों में 'ब्रांड भारत' बनाने और देश की छवि सुधारने का प्रयास कर रहे हैं.