कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी की महासचिव और उनकी बहन प्रियंका गांधी को मिर्जापुर के गेस्ट हाउस में रोके जाने को लेकर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी और योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने ने कहा कि यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है. बता दें कि प्रियंका गांधी शुक्रवार को सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जाने वाली थीं, लेकिन मिर्जापुर पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया था. इसके बाद प्रियंका गांधी पूरी रात चुनार गेस्टहाउस में रहीं.
राहुल गांधी ने कहा, 'सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को तानाशाही प्रवृति वाली यूपी सरकार ने चुनार गेस्ट हाउस में कैद करके बिना बिजली-पानी के रातभर रोके रखना लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है. कांग्रेस इन हथकंडों से डरकर दलितों और आदिवासियों की लड़ाई लड़ना बंद नहीं करेगी.'
दरअसल, शुक्रवार को प्रियंका ने सोनभद्र नरसंहार पीड़ितों से मिलने का फैसला किया. वाराणसी के रास्ते सोनभद्र के लिए रवाना हुईं. सोनभद्र के कलेक्टर ने जिस उभ्भा गांव में नरसंहार हुआ वहां और उसके आसपास के इलाकों में धारा 144 लगा दी. इस दौरान प्रियंका को मिर्जापुर पुलिस ने नारायनपुर पहुंचते ही रोक लिया. ऐसे में प्रियंका ने पुलिसवालों से रोने जाने की वजह पूछी और धरने पर बैठ गईं. बाद में उन्हें धारा 144 का उल्लंघन करने पर हिरासत में लेकर चुनार किला में बने गेस्ट हाउस लाया गया.
प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर जिस गेस्टहाउस ले जाया गया, वहां बिजली तक का इंतजाम नहीं था. लोकल फाल्ट के कारण चुनार गेस्ट हाउस की बिजली कट गई है. प्रियंका अंधेरे में ही गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रही हैं. रौशनी के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने या तो मोमबत्ती जला दी या फिर मोबाइल की टॉर्च से अंधेरे को दूर करने की कोशिश की. आनन-फानन में बिजली का भी इंतजाम किया गया.
क्या है सोनभद्र का मामला
गौरतलब है कि बुधवार को सोनभद्र जिले में भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसा में 10 लोगों की हत्या हो गई थी, जबकि 24 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक जमीन के टुकड़े को लेकर गुजर और गोंड समुदाय के बीच विवाद हुआ.