कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने छठ पर्व पर ट्वीट कर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं. 13 नवंबर को छठ का पहला अर्घ्य और 14 को दूसरा अर्घ्य है. 13 नवंबर को शाम को और 14 को सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इस पूजा का समापन होगा.
जीवनदायी सूर्य और प्रकृति की उपासना के महापर्व छठ पर देशवासियों को अनंत शुभकामनाएँ!
व्रत, समानता और संयम से मनाए जानेवाले इस लोकपर्व पर पूजकों को मनोवांछित फल मिले ऐसी मंगलकामना करता हूँ!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 13, 2018
कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट में लिखा, 'जीवनदायी सूर्य और प्रकृति की उपासना के महापर्व छठ पर देशवासियों को अनंत शुभकामनाएं! व्रत, समानता और संयम से मनाए जानेवाले इस लोकपर्व पर पूजकों को मनोवांछित फल मिले ऐसी मंगलकामना करता हूं!' कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी लोगों को छठ की बधाई दी है.
अब छठ पूजा न सिर्फ बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में होती है, बल्कि देश के उन सभी प्रांतों में छठ मनाया जाने लगा है, जहां प्रवासी पूर्वांचली स्थायी तौर पर रहते हैं. विदेशों में प्रवासी पूर्वांचली समुदाय छठ त्योहार मनाते हैं. मुंबई से लेकर मॉरीशस और अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया हर जगह छठ के घाट सजते हैं और व्रती सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं.
देश-विदेश के कई इलाकों में लोग जिस तरह छठ पर्व मनानाया जाने लगा है, उससे लगता है कि अब यह भारतीय लोक संस्कृति की पहचान बन गया है. कहा जाता है कि कोई डूबते सूर्य को प्रणाम नहीं करता, लेकिन छठ ही एक ऐसा पर्व है, जिसमें लोग सिर्फ उगते सूर्य को ही अर्घ्य नहीं देते, बल्कि वे डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं.