बीजेपी के अंदर सिर फुटौव्वल कम होने का नाम नहीं ले रहा है. और इसी को शांत करने के लिए पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी को निलंबित कर दिया है.
यह निलंबन राम जेठमलानी के उस बयान के बाद किया गया है जिसमें उन्होंने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को जायज ठहराया था. साथ ही पार्टी नेतृत्व को कार्रवाई करने की चुनौती तक दी थी.
जेठमलानी ने नए सीबीआई निदेशक की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए अपनी ही पार्टी पर हमला किया. सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को सही ठहराया तो अरुण जेटली को सामने आकर कहना पड़ा का उऩकी चिन्ता किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि उस संस्था की है जिसके निष्पक्ष होने पर सवाल उठ रहे हैं.