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आसियान नेताओं के लिए मेगा शो: रामायण फेस्टिवल, खादी जैकेट

इस बार के गणतंत्र दिवस पर 10 देशों के मुखिया होंगे, और उनके लिए खासतौर पर रामायण फेस्टिवल के आयोजन की तैयारी की जा रही है.

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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

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इस बार का गणतंत्र दिवस कुछ खास होने जा रहा है. 26 जनवरी को होने वाले परेड में एसियान देशों के 10 शीर्ष नेता भाग लेंगे. इसके लिए सरकार कुछ अलग तरह से तैयारियों में जुटी है. इसी समय एक खास तरह का रामायण फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा.

गणतंत्र दिवस के समय एसियान के 10 देशों के नेता भारत में रहेंगे. ऐसे में परेड के इतर भी भारत भव्य स्तर पर एक विशेष कार्यक्रम की योजना बना रहा है. इस कार्यक्रम में रामायण फेस्टिवल, रामायण स्टैंप और खासतौर से तैयार की गई खादी जैकेट दिखाया जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, खासतौर से रामायण फेस्टिवल का आयोजन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि आसियान के कई देशों का रामायण से खास रिश्ता रहा है, और इस कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर के कई कलाकार तैयारी कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, रामायण फेस्टिवल के आयोजन का विचार कंबोडियन प्रधानमंत्री हुन सेन ने पिछले साल नवंबर में मनीला में एसियान-भारत सम्मेलन के दौरान दिया था. तब उन्होंने कहा था कि यह ऐतिहासिक महाकाव्य दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र को भारत से जोड़ता है.

यहां आज भी होता है रामायण का मंचन

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भारत के अलावा इन क्षेत्रों में आज भी रामायण किसी न किसी रूप से मौजूद है. सूत्र बताते हैं कि रामायण की तर्ज पर थाइलैंड में रामाकेन, लाओस में फा लाक फा लाम, म्यांमा में यामा जतद्दाव, इंडोनेशिया में काकाविन रामायण और मलेशिया में हिकायत सेरी रामा त्योहार आज भी मनाए जाते हैं. नई दिल्ली एसियान के सभी 10 देशों के दूतावास के साथ मिलकर रामायण फेस्टिवल के आयोजन की तैयारियों में जुटा है.

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इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमा और विएतनाम एसियान के 10 सदस्य देश हैं. इन सभी 10 देशों ने सरकार को पुष्टि कर दी है कि उनके देशों के प्रमुख इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. एसियान और भारत के बीच दोस्ती के 25 साल पूरे होने पर दिल्ली में एसियान-भारत कोमेमोरेटिव समिट का आयोजन किया जा रहा है जो 25 जनवरी को होगा.

यह समिट चाणक्यपुरी क्षेत्र में स्थित ताज पैलेस होटल में होगा. इस अवसर पर उपस्थित नेता यादगार के तौर पर रामायण पर आधारित डाक टिकट भी जारी करेंगे. दिन की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत आने वाले सभी शीर्ष नेताओं का राष्ट्रपति भवन में स्वागत करेंगे.

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परेड में जाएंगे 10 देशों के नेता

सूत्रों के अनुसार, नेताओं को 2 विकल्प दिए जाएंगे जिसमें से एक उन्हें चुनना होगा. उनके रिट्रीट कार्यक्रम में खादी के जैकेट पहनने या फिर सत्र के बाद डिनर में भाग लेना होगा. हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर परेड में इन नेताओं के शिरकत के लेने के लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है क्योंकि एक साथ 10 मेहमानों के लिए बैठने की अलग से कोई व्यवस्था नहीं रही है. माना जा रहा है कि इन 10 नेताओं में से 6 अपनी पत्नी के साथ आएंगे, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के साथ बैठेंगे.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसियान के महासचिव समेत 22 लोग परेड में शामिल हो रहे हैं, और इनके लिए खास तरह का स्टेज बनाया जा रहा है. परेड के बाद एसियान के नेता राष्ट्रपति भवन जाएंगे.

देश के शीर्ष नेता राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ-साथ एसियान के 10 नेताओं के आने के कारण आयोजक इस कोशिश में जुटे हैं कि कार्यक्रम तय समय से शुरू हो जाए. साथ ही किसी भी तरह शर्मिंदगी से बचने के पूरे इंतजाम किए गए हैं. 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा परेड पर मुख्य अतिथि थे और इस दौरान बारिश के कारण स्थिति बड़ी असहज हो गई थी. इसलिए इस बार अधिकारी इसे कवर कर रहे हैं.

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