महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शिवसेना पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना को जनादेश मिला था और बीजेपी बड़ी पार्टी बनकर उभरी. रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि शिवसेना ने स्वार्थ के लिए 30 साल की दोस्ती तोड़ दी. चुनाव के नतीजे आने के बाद कुर्सी के लिए मैच फिक्सिंग कैसे हो गई?
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह नया गठबंधन महाराष्ट्र को स्थायी सरकार देगा और राज्य में हमारी सरकार नहीं गिरेगी.
कांग्रेस-एनीसीपी के साथ जाना क्या था?
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्या यह लोकतंत्र की हत्या नहीं है जब वे कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिलाते हैं, जहां अजीत पवार भी टेबल पर थे? लेकिन बाद में अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी का एक बड़ा हिस्सा देवेंद्र फडणवीस के साथ आ गया? यह नया गठबंधन एक स्थिर सरकार देगा. यह पिछले दरवाजे के माध्यम से देश की वित्तीय राजधानी को पीछे ढकेलने की साजिश थी.
उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों के बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहता, जो बाला साहेब के आदर्शों पर खरे नहीं उतरे? कांग्रेस के प्रति उनका विरोध जगजाहिर था. जो लोग अपनी पूरी विरासत को धराशायी कर रहे हैं, वे हमें अब सिखा रहे हैं. जो लोग सत्ता के लिए समझौता करने को तैयार हैं, उन्हें शिवाजी के बारे में बात नहीं करनी चाहिए.'
Union Minister Ravi Shankar Prasad: Throughout the election campaign, Devendra Fadnavis' name was projected as the Maharashtra Chief Minister. Support base of BJP & the prospect of Devendra Fadnavis becoming CM, played a crucial role in success of Shiv Sena candidates. pic.twitter.com/WDoVJoHap5
— ANI (@ANI) November 23, 2019
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पूरे चुनावी अभियान के दौरान देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया गया था. बीजेपी के सपोर्ट बेस और देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात पर शिवसेना के उम्मीदवारों की कामयाबी में अहम भूमिका निभाई.
कांग्रेस शरद पवार से खफा
इस बीच कयास लगाया जा रहा है कि महाराष्ट्र में मौजूदा स्थिति के बाद कांग्रेस एनसीपी प्रमुख शरद पवार से नाराज है. सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस की शिकायत है कि शरद पवार ने शिवसेना के साथ बातचीत में देरी की.
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के मुताबिक, पवार कहते रहे कि बातचीत के लिए जल्दबाजी दिखाने की जरूरत नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने कहा, पवार ने उन्हें शिवसेना से बातचीत के लिए मुंबई दौरा देर से करने को कहा.