कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. सोमवार को विधानसभा में येदियुरप्पा सरकार के विश्वास मत हासिल करने के दौरान हुए हंगामे के बाद, विपक्षी दलों ने इसकी शिकायत राज्यपाल से की थी. जिसके बाद हंसराज भारद्वाज ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी है.
अपनी रिपोर्ट में राज्यपाल ने विधानसभा की कार्यवाही, असंवैधानिक तरीक़े के चलाए जाने की बात कही है. साथ ही उन्होंने ये भी सलाह दी है कि विधानसभा को फिलहाल भंग न किया जाए. अब उनकी रिपोर्ट पर गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार विचार करके कोई फ़ैसला लेंगे.
इस बीच केंद्र ने कहा है कि वो कर्नाटक के हालात पर नज़र बनाए हुए है. इससे पहले सोमवार सुबह हंगामे के बीच बीजेपी की येदियुरप्पा सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया. सदन की बैठक से पहले स्पीकर ने 16 विधायकों को अयोग्य करार दे दिया. इन विधायकों और सुरक्षा बलों के बीच ज़ोरदार झड़प हुई. बीजेपी के बाग़ी विधायकों ने जबरन सदन में घुसने की कोशिश की और तोड़-फोड़ की. उन्होंने गृह मंत्री और राज्य के पुलिस चीफ से भी धक्का मुक्की की.
हंगामे के बीच येदियुरप्पा सरकार ने ध्वनि मत से सदन में अपना बहुमत साबित किया. बाद में अयोग्य करार दिये गये 16 विधायकों ने स्पीकर के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिस पर कर्नाटक हाई कोर्ट अब कल सुनवाई करेगा. बीजेपी के 11 और पांच निर्दलीय विधायकों ने येदियुरप्पा सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिसके बाद ताज़ा सियासी संकट शुरू हुआ.