राफेल सौदे में नाम घसीटे जाने पर रॉबर्ट वाड्रा ने बयान जारी किया है. वाड्रा ने कहा कि निराधार आरोप लगाने की बजाए मोदी सरकार 56 इंच के सीने के साथ सामने आए और राफेल डील की सच्चाई देश की जनता को बताए.
रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि शुरुआत में जब बीजेपी मेरे नाम का इस्तेमाल करती थी तो मैं चौंकता था, लेकिन अब ये आए दिन की बात हो गई है. जब भी बीजेपी मुश्किल में फंसती है, तब वे मेरे नाम का इस्तेमाल करती है. चाहे वो रुपये की कीमत गिरना हो, तेल के दाम बढ़ना हो या फिर राफेल, जिसमें कि वो पूरी तरह एक्सपोज हो गई है. सभी एजेंसियों को लगा दिया गया. वर्तमान सरकार और बीजेपी से बेहतर कोई नहीं जानता कि पिछले चार सालों में मेरे खिलाफ उन्होंने किस तरह से निराधार राजनीतिक दुष्प्रचार किया है. ये सब करने की बजाए आप 56 इंच की छाती के साथ राफेल डील के बारे में पूरे देश को बताइए, ना कि झूठ के पुलिंदे को फिर से लोगों के बीच दोहराएं.
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया था कि रॉबर्ट वाड्रा का लंदन स्थित 19 करोड़ का घर उनके दोस्त संजय भंडारी ने दिलवाया है. साथ ही वाड्रा के लिए ज्यूरिख का टिकट बुक किया था. पात्रा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस को कमीशन नहीं मिलने और राहुल के लॉन्च नहीं होने के चलते राफेल पर विवाद किया जा रहा है.
पात्रा ने आरोप लगाया था कि वाड्रा ने अपने दोस्त संजय भंडारी के साथ मिलकर एक ऑफसेट कंपनी बनाई. संजय भंडारी और दासौ के साथ सांठ-गांठ नहीं होने के चलते राफेल डील यूपीए में नहीं हुई. मोदी सरकार आने के बाद संजय भंडारी पर कार्रवाई हो रही. पात्रा ने कहा था कि रॉबर्ट वाड्रा पर शिकंजा कसता जा रहा है और अब वे बचेंगे नहीं. एक न एक दिन उन्हें जेल जाना ही होगा. पात्रा ने लालू यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी चारा घोटाला किया, इसके लिए उन्हें भले ही 20 साल के बाद लेकिन जेल जाना ही पड़ा.
पात्रा ने आरोप लगाया था कि संजय भंडारी ने 2008 में एक लाख की पूंजी से ऑफसेट कंपनी बनाई और जो बाद में हजारों करोड़ की कंपनी बनी. पात्रा ने कहा कि राफेल के कागज भी राबर्ट वाड्रा के अभिन्न मित्र संजय भंडारी के घर से मिले. कई ईमेल भी मिले. लंदन में संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा द्वारा राबर्ट वाड्रा के लिए 19 करोड़ के घर की डिटेल्स है. संबित पात्रा ने दावा किया कि 2009 में ये घर खरीदा गया था. उन्होंने कहा कि 2012 में स्विस कंपनी पिलेट्स एयरक्राफ्ट की डील यूपीए में हुई थी. इसको टेंडर देने के लिए शर्तें बदली गईं, जबकि HAL भी इसके लिए प्रयास कर रहा था.
HAL को दरकिनार कर स्विस कंपनी पिलेट्स को टेंडर दिया गया. एक मिलियन स्विस फ्रैंक (स्विस करंसी) संजय भंडारी को इसके लिए मिला. स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में अकाउंट नंबर 52105058250 में पैसा दिया गया. पात्रा ने आरोप लगाया कि संजय भंडारी और उनके मार्फत वाड्रा के पास ये पैसा आया. संजय भंडारी ने वाड्रा के लिए ज्यूरिख का एयर टिकट मेल से भेजा था. जिस समय डील हो रही थी, उस समय वाड्रा स्विट्जरलैंड जा रहे थे.