पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के मुख्यालय में भावी प्रचारकों को संबोधित करने की खबर के बाद कार्यक्रम का आमंत्रण कार्ड सामने आया है. आमंत्रण कार्ड के मुताबिक 7 जून को नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में होने वाले कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी मुख्य अतिथि होंगे.
हालांकि कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी शामिल होंगे या नहीं इसपर उनके ऑफिस ने कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया है. इससे पहले आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि की थी कि पूर्व राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है.
बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संबोधन से पहले भाषण देंगे. आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता ने हमारे अंग्रेजी चैनल इंडिया टुडे टीवी को बताया कि आरएसएस अपने शिविर में प्रख्यात लोगों को स्वयंसेवकों को संबोधित करने के लिए बुलाता है.
संघ के जानकार राकेश सिन्हा ने कहा, 'पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आमंत्रित करना और उनके द्वारा यह आमंत्रण स्वीकार करना एक महान संदेश है. ऐसा करके प्रणब दा ने उन लोगों को जवाब दिया है, जो संघ के हिंदुत्व पर सवाल उठाते थे. प्रणब दा पिछले कई दशकों से राजनीति में रहे हैं.'
गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में हर साल आरएसएस पूरे देश में अपने स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करता है. तृतीय वर्ष का अंतिम प्रशिक्षण शिविर संघ के मुख्यालय नागपुर में आयोजित किया जाता है. अक्सर तृतीय वर्ष में प्रशिक्षण हासिल करने के बाद ही किसी स्वयंसेवक को आरएसएस का प्रचारक बनने के योग्य माना जाता है. इस शिविर को ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैम्प यानी ओटीसी भी कहते हैं. संघ के इस कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी के शामिल होेने की खबर ने देश में नई सियासी चर्चा शुरू कर दी है.