रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच गए हैं. पुतिन के इस दौरे से भारत को वो ताकत मिलने वाली है, जिससे उसका कद वैश्विक पटल पर और ऊंचा होगा. पुतिन के इस दौरे को अमेरिका भी टकटकी लगाए देख रहा है. दरअसल रूस के जरिए भारत को S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम मिलने की संभावना है. अमेरिका को भारत और रूस की यही दोस्ती रास नहीं आ रही. इधर पाकिस्तान की भी इस करार पर नजर है.
पुतिन की भारत यात्रा से ठीक पहले अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को रूस के साथ किसी तरह के महत्वपूर्ण खरीद-फरोख्त समझौते की दिशा में बढ़ने से आगाह किया और संकेत दिया है कि ऐसे मामले में वह प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर सकता है.
एयरपोर्ट से राष्ट्रपति पुतिन सीधे प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचे जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया. गौरतलब है कि स्वागत से ठीक पहले पीएम ने रूसी भाषा में ट्वीट करते हुए पुतिन का स्वागत किया.
Добро пожаловать в Индию, президент Путин! Желаю Вам плодотворного пребывания в Индии. С нетерпением жду наших переговоров, которые несомненно укрепят дружбу между Индией и Россией. @KremlinRussia pic.twitter.com/cEW4y8sDJr
— Narendra Modi (@narendramodi) October 4, 2018
इससे पहले भारत पहुंचने पर राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया.
Delhi: Russian President Vladimir Putin arrives for his two-day visit to India. He was received by External Affairs Minister Sushma Swaraj. pic.twitter.com/aY1UU2N1VY
— ANI (@ANI) October 4, 2018
पुतिन का ये है कार्यक्रम
पुतिन भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. दोनों नेता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं. 19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रूसी रक्षा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं.
रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पुतिन की इस यात्रा में सबसे बड़ी बात S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर करार है. यह करार पांच अरब डॉलर यानि तकरीबन 37 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा का है.
पुतिन 19वीं भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर वार्ता के लिए चार और पांच अक्टूबर को भारत में रहेंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ आधिकारिक वार्ता करेंगे. पुतिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे.
विदेश मंत्रालय के अनुसार रूसी राष्ट्रपति गुरुवार शाम को ही प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे. मोदी एवं पुतिन शुक्रवार को भारत रूस शिखर वार्ता करेंगे. इसके बाद समझौतों का आदान-प्रदान होगा. इसके बाद दोनों नेता साझा बयान जारी करेंगे. मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को ही पुतिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे.