भारत तेजी से विश्व शक्ति बनने की ओर आगे बढ़ रहा है. मिशन शक्ति: एंटी सेटेलाइट वेपन A-SAT के परीक्षण के बाद भारत लो ऑर्बिट सेटेलाइट को मार गिराने की ताकत रखने वाला विश्व का चौथा देश बन गया है. इससे पहले यह क्षमता केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास ही थी. डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलेपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) की इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भी ट्वीट कर इसे विश्व के लिए समाज का प्रेरणास्रोत बताया है.
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने ट्वीट किया है, 'मिशनशक्ति: एंटी सेटेलाइट वेपन A-SAT, के सफलतापूर्वक परीक्षण एवं भारत के अंतरिक्ष महाशक्ति बनने के महत्वपूर्ण अवसर पर भारत के वैज्ञानिकों एवं भारत सरकार के नेतृत्व का समस्त देशवासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन. राष्ट्रजीवन का यह गौरवशाली क्षण सदियों तक समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा.'
बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एंटी सेटेलाइट हथियार के सफल परीक्षण की जानकारी दी थी. A-SAT मिसाइल की खासियत है कि यह अंतिरक्ष में तीन मिनट के अंदर 300 किलोमीटर दूर स्थित 'लो अर्थ ऑर्बिट' में लाइव सेटेलाइट को मार गिरा सकती है. भारत के लिए ऐतिहासिक सफलता है.
वहीं कांग्रेस ने खुद को A-SAT की लॉन्चिंग का क्रेडिट देते हुए कहा कि भारत ने 2012 में ही यूपीए के कार्यकाल में सेटेलाइट को लक्षित करने और तबाह करने की क्षमता विकसित कर ली थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निराशा है कि उन्होंने इसका क्रेडिट लेने के लिए चुनाव से ठीक पहले अप्रूवल दिया.मिशनशक्ति : एंटी सेटेलाइट वेपन A-SAT,के सफलतापूर्वक परीक्षण एवं भारत के अंतरिक्ष महाशक्ति बनने के महत्वपूर्ण अवसर पर भारत के वैज्ञानिकों एवं भारत सरकार के नेतृत्व का समस्त देशवासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन।राष्ट्रजीवन का यह गौरवशाली क्षण सदियों तक समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा pic.twitter.com/5fkRDZXtpA
— RSS (@RSSorg) March 27, 2019
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में बताया कि भारतीय वैज्ञानिकों ने 3 मिनट के भीतर ही मार गिराया है. प्रधानमंत्री ने 12:30 पर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि भारत ने कुछ देर पहले ही अंतरिक्ष में एक सैटेलाइट को मार गिराया है. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इस नई क्षमता से आसमान, जमीन और समुद्र तटों पर भी तैनात किसी विदेशी सेटेलाइट पर नजर रख सकता है और उसे नष्ट कर सकता है.