किसी भी भारतीय कंपनी में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला, उससे भी चौंकाने वाली बात ये कि इस घोटाले का खुलासा किया खुद कंपनी के चेयरमैन रामलिंगम राजू ने. इस हकीकत के खुलासे के बाद पूरा उद्योग जगत सकते में है. बीस साल पहले रामलिंगम राजू ने जिस कंपनी की नींव रखी थी और जिसे उन्होंने देखते ही देखते देश की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी बना दिया था, उसका हश्र ये होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था.
राजू ने कंपनी में हो रहे घाटे को छुपाने के लिए पूरी दुनिया से झूठ बोला. झूठ भी ऐसा वैसा नहीं बल्कि कई सालों से पूरी की पूरी झूठी बेलैंसशीट दुनिया के सामने पेश की जाती रही. बुधवार को रामलिंगम राजू ने इस्तीफा दे दिया है. सत्यम में करीब 8 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले राजू ने कंपनी में हो रही तमाम गड़बड़ियों में अपना हाथ बताया है. इसके साथ ही 30 सिंतबर को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का मुनाफा भी गलत पेश किया गया था.
राजू के इस फर्जीवाड़े से शेयरधारकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा. हालांकि विदेशी निवेशकों पर भी कंपनियों को चलाने के इन तौर-तरीकों का गलत संदेश जा सकता है. दरअसल, राजू ने ये सारी गड़बड़ी अपने परिवार की खस्ताहाल रियल एस्टेट कंपनियों को बचाने के लिए की थी. मेटास समूह की इन दो कंपनियों की डील के बाद से ही सत्य़म के शेयरधारकों ने विरोध शुरू किया था. हालांकि आज राजू के इस्तीफे के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 70 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई.
सत्यम के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने से पहले बी रामलिंग राजू ने बोर्ड के सदस्यों को मेल लिखकर अपने किए घोटाले की बात को कूबल किया है. राजू ने लिखा है कि मैं बेहद भरे मन औऱ पछतावे से अपनी अंर्तात्मा की आवाज़ पर आपके सामने अपने फर्जीवाड़े की सच्चाई बता रहा हूं. 30 सितंबर 2008 को खत्म हुई तिमाही में
-कंपनी की बैलेंसशीट में 5040 करोड़ रुपए का फर्जी बैंक बैलेंस और नकदी दिखाई गई है
-इसमें जो 376 करोड़ रुपए का ब्याज मिलने की बात है, वो गलत है
-1230 करोड़ रुपए की फर्जी देनदारी का जिक्र भी इसमें किया गया है
-मुनाफा 61 करोड़ के बजाय 649 करोड़ रुपए बताया गया है
-आमदनी को भी 2112 करोड़ के बजाय 2700 करोड़ रुपए दिखाया गया है
-खाते में 588 करोड़ रुपए की फर्जी नकदी का जिक्र भी है
राजू ने कहा है कि वो अब कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने ये सारे कदम कंपनी को बचाने के लिए उठाए थे. ज़ाहिर है सत्यम के इस महाघोटाले का खुलासा होगा, तो निवेशक तो घबराएंगे ही, और इसी घबराहट ने धीरे-धीरे संभलने की कोशिश कर रहे बाजार का सत्यानाश कर डाला. बाजार सुबह से जो लुढ़कना शुरू हुआ, वो दोपहर बाद तक भी नहीं रुका. सत्यम का अपना शेयर भी बुधवार को करीब 78 फीसदी टूट गया. मंगलवार तक का इसका भाव 179 रुपए से ज्यादा था, लेकिन बुधवार को बाजार बंद होने तक ये 40 रुपए पर आ चुका था. वैसे एक वक्त तो इसकी हालत और पतली थी, सिर्फ 32 रूपये पर सत्यम का शेयर पहुंच चुका था, जिसका अंदाजा भी कभी किसी को नहीं रहा होगा. केंद्र सरकार सत्यम मामले पर नज़र रखे हुए है. कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा है कि इस मसले पर गंभीर कार्रवाई हो सकती है.
फिक्की का कहना है कि सत्यम मसले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी छवि नहीं प्रभावित होगी. सत्यम में हुए घोटाले के खुलासे के बाद शेयर बाज़ार में जबरदस्त गिरावट का दौर देखा जा रहा है. जानकारों का कहना है कि इस घोटाले ने सिस्टम में गड़बड़ी को उजागर कर दिया है. ऐसे में बाज़ार में ताबड़तोड़ बिकवाली देखी जा रही है. इसके चलते सेंसेक्स 700 अंक तक लुढ़क गया. उधर निफ्टी में भी करीब 200 अकों की गिरावट दर्ज की गई है. सत्यम के शेयरों में तो गिरावट 70 फीसदी से भी ज्यादा है. इसके अलावा बाकी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट का ही असर बना हुआ है.