सत्यम कंप्यूटर्स को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निफ्टी की सूची से बाहर कर दिया गया है. यह फैसला 12 जनवरी से लागू होगा. उधर मैरिल लिंच ने भी सत्यम से नाता तोड़ लिया है.
गौरतलब है कि बुधवार को सत्यम के चेयरमैन रामलिंगम राजू ने इस्तीफा दे दिया. राजू ने कंपनी में हुए घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया. किसी भी भारतीय कंपनी में यह अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है. इस घोटाले का खुलासा किया खुद कंपनी के चेयरमैन रामलिंगम राजू ने किया. इस हकीकत के खुलासे के बाद पूरा उद्योग जगत सकते में है.
बीस साल पहले रामलिंगम राजू ने जिस कंपनी की नींव रखी थी और जिसे उन्होंने देखते ही देखते देश की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी बना दिया था, उसका हश्र ये होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था.
खुलासे के बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई और इसका प्रभाव भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा और बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए. उधर सेबी ने इस घोटाले की जांच के आदेश दे दिए हैं. कंपनी से गोल्डन पीकॉक अवार्ड भी वापस ले लिया गया है.
उधर कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा है कि इस मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी.