आज से सावन का महीना शुरू हो गया है. इस दौरान हर-हर बम-बम और ओम नमः शिवाय के मंत्रों से शिवालय गूंजेगा. इस बार इस महीने में चार सोमवार पड़ा है. पहला सोमवार 29 जुलाई को, दूसरा 5 अगस्त को, तीसरा 12 अगस्त को और चौथा 19 अगस्त को होगा. भक्त इस दौरान प्रवित्र गंगाजल, दूध-दही, बेलपत्र आदि से भगवान शिव की अर्चना करेंगे. इसके अलावा भोले बाबा को घी, शहद, जनेऊ, रोली, बेलपत्र, भांग, धतूरा और नैवेद्य से पूजा जाता है.
श्रावणी मेला शुरू
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला आज से शुरू हो गया. सावन के पहले दिन झारखंड के देवघर स्थित पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण के लिए सवेरे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है. मंदिर प्रबंधन बोर्ड द्वारा इस बार अर्घा सिस्टम से जलार्पण की व्यवस्था शुरू की गयी है. इसके तहत मुख्य गर्भ गृह के दरवाजे पर बड़ा अर्घा लगाया गया है. श्रद्धालु इसी में अपना जल अर्पित कर रहे हैं. सावन ऐसे भी शिव आराधना के लिए सर्वोत्तम मास माना जाता है. यही कारण है कि आज सावन का पवित्र मास शुरू होते ही मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटने लगी है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि सावन में पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग पर गंगा जल अर्पित करने से भगवान् शिव अति प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. प्रशासन द्वारा भी नई व्यवस्था को देखते हुए पूरी तैयारी की गयी है. हालांकि श्रद्धालु इस नई व्यवस्था से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं.
काशी में भी श्रद्धालुओं का तांता
सावन के पहले दिन भक्तों ने बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाकर मुक्ति की कामना की. हाथों में जल की लुटिया और मन में श्रद्धा के साथ बाबा के जयकारे लगाते इन कांवरिया भक्तों ने आज बाबा का जलाभिषेक किया. गौरतलब है कि बारह ज्योतिर्लिंगों में काशी विश्वनाथ का अहम् स्थान है मान्यता है कि बाबा को जल चढ़ाने से मुक्ति मिलती हैं.
शुरू हुआ कांवड़ मेला
सावन मास का कांवड़ मेला भी आज से शुरू हो गया. इस दौरान भक्त पवित्र गंगा नदी से जल लाकर अपने अपने इलाके के शिवालयों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. इस दौरान इन इलाकों में मेला भी लगता है. मेले को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. गाजियाबाद के जिलाधिकारी एसवीएस रंगाराव ने श्रावण शिवरात्रि एवं कावंड़ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिये विभिन्न विभागों को निर्देश दिया है. पूरे जिले को दो जोन तथा नौ सेक्टरों में बांटकर पर्याप्त फोर्स तैनात की गई है. उन्होंने बताया कि 40 सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जा रहे हैं.
जिलाधिकारी ने विद्युत सुरक्षा के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ शिविरों में अस्थायी कनेक्शन की प्रक्रिया सरल करते हुए तत्काल उन्हें कनेक्शन दिया जाए तथा बिजली की किसी भी गड़बड़ी को तुरंत दुरुस्त करें.